भाषा और अंकीय गणना में दक्ष होंगे स्कूलों के 1.40 लाख बच्चे, भदोही के शिक्षकों को मिलेगी ट्रेनिंग
भदोही के परिषदीय विद्यालयों में 1.40 लाख बच्चों को भाषा और अंकीय गणना में दक्ष बनाया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों को फाउंडेशन लिटरेसी एंड न्यूमरेसी (FLN) ...और पढ़ें

भाषा व अंकीय गणना में दक्ष होंगे परिषदीय स्कूलों के 1.40 लाख नौनिहाल।
HighLights
1.40 लाख बच्चों को भाषा-गणित में दक्ष किया जाएगा।
शिक्षकों को FLN के तहत विशेष प्रशिक्षण मिलेगा।
35 मास्टर ट्रेनर तैयार, जल्द शुरू होगा प्रशिक्षण।
जागरण संवाददाता, ज्ञानपुर (भदोही)। परिषदीय प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक व कंपोजिट विद्यालयों में अध्यनरत 1.40 लाख नौनिहालों को अब भाषा व अंकीय गणना (गणित) में दक्ष बनाया जाएगा। बच्चों में भाषा व अंकीय गणना की बेहतर समझ विकसित हो, इसे लेकर पहले शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर आसान ढंग से पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके पश्चात वह बच्चों को दक्ष बनाएंगे।
फाउंडेशन लिटरेसी एंड न्यूमरेसी (एफएलएन) के तहत शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के लिए जिले में 35 मास्टर ट्रेनर तैयार कर लिए गए हैं। शीघ्र ही जिले के 885 विद्यालयों में तैनात शिक्षकों को प्रशिक्षण देने का काम शुरू हो जाएगा।
परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल हो, इसे लेकर तमाम शिक्षण व प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। अब बच्चों को भाषा (हिंदी, अंग्रेजी) व अंकीय गणना (गणित) में बच्चे पारंगत हो सकें फाउंडेशन लिटरेसी एंड न्यूमरेसी कार्यक्रम संचालित किया गया है। इसका उद्देश्य है कि शिक्षक कक्षा कक्ष में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करते हुए बच्चों के सीखने के स्तर में अपेक्षित सुधार ला सकें।
इसे लेकर शिक्षकों को भाषा एवं गणित शिक्षण की नवीन रणनीतियों, खुले छोर के प्रश्नों के निर्माण एवं उपयोग, कैच अप शिक्षण, शिक्षक संदर्शिका में हुए सूक्ष्म बदलाव, प्रभावी कक्षा शिक्षण के दस प्रमुख बिंदुओं, सतत एवं समग्र मूल्यांकन, गतिविधि आधारित शिक्षण, स्थानीय मान, जोड़-घटाव, वार्षिक शिक्षण रूपरेखा तथा अंग्रेजी पाठ्य पुस्तकों के प्रभावी अध्यापन से संबंधित व्यवहारिक एवं सहभागितापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
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शिक्षकों को फाउंडेशन लिटरेसी एंड न्यूमरेसी के तहत प्रसिक्षण देने के लिए जिले में 35 मास्टर ट्रेनरों को तैयार कर लिया गया है। जल्द ही ब्लाक स्तर पर शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को शुरू कराया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त कर जब शिक्षक बच्चों को उसके आधार पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देंगे तो बच्चों को निपुण बनाने में भी सफलता हासिल होगी। -शिवम पांडेय, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी।