जान बचाने को गुलदार से खाली हाथ भिड़ गया किसान और...
Bijnor News : बिजनौर में खेत की सिंचाई कर रहे एक किसान पर गुलदार ने हमला कर दिया। किसान ने खाली हाथ ही गुलदार का सामना किया। ...और पढ़ें

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HighLights
बिजनौर में खेत पर सिंचाई के लिए गए किसान पर गुलदार ने किया हमला।
डायट व कस्तूरबा विद्यालय परिसर में लगे पिंजरे में अन्य गुलदार कैद।
संवाद सूत्र, नूरपुर (बिजनौर)। सोमवार की सुबह खेत की सिंचाई के लिए गए किसान पर गुलदार ने हमला कर दिया। जान बचाने के लिए किसान खाली हाथ ही गुलदार से भिड़ गया। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने गुलदार को वहां से भगाया।
गांव रहटा बिल्लोच निवासी 55 वर्षीय किसान जाहिद हुसैन सुबह बिजली आने पर लगभग 7 बजे खेत की सिंचाई के लिए गए थे । वह खेत के रास्ते पर चल रहे थे कि तभी अचानक झाड़ियों से निकले गुलदार (Leopard) ने उन पर हमला कर दिया। गुलदार के अचानक हुए हमले से किसान एक बार तो घबरा गया लेकिन जान जोखिम में देख खाली हाथ ही शोर मचाते हुए वह गुलदार से भिड़ गया।
काफी देर तक चले संघर्ष में गुलदार के पंजे लगने से जाहिद हुसैन जख्मी हो गए। लेकिन इसके बाद भी साहस नहीं छोड़ा। शोर सुनकर खेतों में काम कर रहे अन्य किसान घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े। किसानों को आता देख गुलदार खेतों की ओर भाग निकला जिससे किसान जाहिद हुसैन की जान बच गई। घायल को इलाज के लिए सीएचसी नूरपुर ले जाया गया।
प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सक ने उनकी छुट्टी कर दी । घटना के बाद से ग्रामीण भयभीत है। मौके पर पहुंचे वन दारोगा मुकुल कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद शाम तक मौके पर पिंजरा लगवाए जाने की बात कही ।
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डायट व कस्तूरबा विद्यालय परिसर में लगे पिंजरे में गुलदार कैद
चांदपुर। क्षेत्र में एक सप्ताह के भीतर तीसरा गुलदार पिंजरे में कैद हुआ है। गांव इस्माइलपुर के पास एक ही परिसर में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय स्थित है। कस्तूरबा विद्यालय में करीब 200 बच्चे व अन्य स्टाफ रहता है। पिछले कई दिन से गुलदार आवासीय विद्यालय की चहारदीवारी कूदकर अंदर घुस आता था। इससे बच्चों व स्टाफ को लगातार खतरा बना हुआ था।
स्टाफ ने वन विभाग को इसकी सूचना दी थी। वन विभाग की टीम ने वहां ट्रैप कैमरे लगाने के साथ-साथ चार दिन पूर्व पिंजरा लगाया था। शनिवार रात गुलदार पिंजरे में कैद हो गया। रविवार सुबह उसके गुर्राने की आवाज सुन स्टाफ व बच्चे बाहर आए।
पिंजरे में गुलदार फंसा देखा। उन्होंने वन विभाग की टीम को सूचना दी। रेंजर दुष्यंत सिंह ने बताया कि गुलदार की उम्र आठ वर्ष है। विद्यालय का परिसर आबादी से दूर खेतों के पास है। यहां पर कुत्ते आदि भी रहते हैं। उनके शिकार के लालच में वह परिसर में पहुंच रहा था।