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    बिजनौर में उफान पर नदियां, दो नावों को जोड़कर पार कराया जा रहा मालन का रपटा; तेज बरसात से तटबंध दो स्थान पर धंसा 

    By Ajeet Chaudhary Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Fri, 07 Aug 2026 01:31 PM (IST)

    Bijnor Floods: पहाड़ों पर लगातार बारिश से बिजनौर में गंगा और मालन नदियां उफान पर हैं, जिससे मालन के रपटे पर दो फीट पानी बह रहा है। गंगा ने जलीलपुर-हस् ...और पढ़ें

    रावली कण्व आश्रम से मध्य गंगा बैराज के बीच गंगा तटबन्ध की ध्वस्त एप्रोच, दो नाव को जोड़कर पार कराया जा रहा मालन का रपटा।

    रावली कण्व आश्रम से मध्य गंगा बैराज के बीच गंगा तटबन्ध की ध्वस्त एप्रोच, दो नाव को जोड़कर पार कराया जा रहा मालन का रपटा। 

    HighLights

    1. गंगा में बह रहा 2.11 लाख क्यूसेक पानी

    2. जलीलपुर-हस्तिनापुर मार्ग का अस्थायी पुल कटा।

    3. बिजनौर के कई गांवों और खेतों में पानी भरा।

    जागरण संवाददाता, बिजनौर। पहाड़ों पर बरसात से गंगा और मालन का प्रकोप जारी है। मालन के रपटे पर अभी भी दो फीट तक पानी बह रहा है। यहां गांव वालों को रपटा पार कराने के लिए जोड़े वाली नाव चलाई जा रही है। गंगा की तेज धारा ने जलीलपुर-हस्तिनापुर मार्ग को जोड़ने वाले मार्ग पर बनाए गए अस्थायी पुल को भी काट दिया है।

    हस्तिनापुर को जाने वाले यातायात एकदम रूक गया है। गंगा का पानी फिर से जलीलपुर क्षेत्र में खेतों व गांवों में भर गया है। तेज बरसात से रावली-बैराज तटबंध दो स्थानों पर धंस गया है। गंगा में शुक्रवार सुबह दस बजे 2.11 लाख क्यूसेक पानी बह रहा था।

    पहाड़ों पर दो तीन दिल से हो रही बरसात से गंगा और मालन उफन गईं थी। गुरुवार को मालन का पानी खेतों में भरने के साथ ही शहजादपुर और रावली के बीच बने रपटे पर आ गया था। रात को मालन का पानी रावली और बेगावाला के बीच सड़क पर भी आ गया था लेकिन पानी रात में ही उतरना बंद हो गया। रपटे पर अभी भी दो फीट पानी बह रहा है।

    सड़क पार कराने के लिए जोड़े वाली नाव बनाई

    यहां लोगों को सड़क पार कराने के लिए जोड़े वाली नाव बनाई गई है। दो नावों को लकड़ी के तख्तों से एक जगह जोड़ा गया है। इस नाव के पलटने का खतरा नहीं रहता है। इस नाव से ग्रामीणों को रपटा पार कराया जा रहा है। वहीं तेज बरसात से कण्व ऋषि आश्रम से आगे दो स्थानों पर तटबंध की थोड़ी-थोड़ी मिट्टी धंस गई है। गंगा में शुक्रवार को 2.11 लाख क्यूसेक पानी बहता रहा।

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    पानी गांव दत्तियाना, रायपुर खादर आदि गांवों और खेतों में भरा

    गंगा के पानी ने कुछ दिन पहले जलीलपुर-हस्तिनापुर मार्ग को काट दिया था। ग्रामीणों व प्रशासन ने काटे गए मार्ग में पाइप और मिट्टी डालकर किसी तरह मार्ग को फिर से शुरू किया था। गंगा की तेज धारा ने इसकी मिट्टी को फिर से बहा दिया। अब वहां पर केवल पाइप ही पड़े हैं। गंगा का पानी गांव दत्तियाना, रायपुर खादर आदि गांवों और खेतों में भर गया है।

    गंगा का जलस्तर सुबह दस बजे तक समुद्रतल से 219.20 मीटर रहा। खतरे का निशान 220 मीटर पर रहता है। गंगा की धारा बैराज से पहले भले ही शांत है लेकिन चांदपुर क्षेत्र के पास गंगा की उफनती लहरों ने बाढ़ ला दी है। यहां कुछ दिन पहले ही पानी गांवों से निकला था और अब फिर से पानी आ गया है।