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    ब‍िजनौर में बंद किए गए बैराज के सभी 28 गेट, कुछ घंटे की बरसात से गंगा का पानी साढ़े चार गुना बढ़ा 

    By Ajeet Chaudhary Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Thu, 02 Jul 2026 06:40 AM (IST)

    Bijnor News: कुछ घंटों की बारिश से बिजनौर में गंगा का जलस्तर साढ़े चार गुना बढ़कर नौ हजार क्यूसेक से ऊपर पहुंच गया है। इसके चलते सिंचाई विभाग ने गंगा ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. बरसात न होने से गंगा में कम था पानी, जल स्तर बढ़ने से पोंडिंग की गई शुरू

    2. पहले 15 जून से गेट बंद कर वेटलैंड की होती थी पोंडिंग, इस बार हुई देरी।

    जागरण संवाददाता, बिजनौर। कुछ ही घंटे की बरसात ने गंगा का पानी साढ़े चार गुना तक बढ़ा दिया है। दो हजार क्यूसेक तक बह रहा पानी नौ हजार क्यूसेक से ऊपर पहुंच गया। पानी बढ़ने पर गंगा में पोंडिंग शुरू कर दी गई है।

    सिंचाई विभाग की टीम ने बैराज के सभी 28 गेट गिरा दिए हैं। अब तक गंगा में पानी कम होने पर पोंडिंग नहीं की जा रही थी। अब निर्धारित पानी न होने तक गंगा बैराज के पुल के सभी गेट बंद ही रहेंगे। पोंडिंग होने के बाद ही नहरों में पानी छोड़ा जाता है।

    बैराज से पहले काफी दलदली क्षेत्र यानि वेटलैंड होता है। यह कई पक्षियों और जलीय जीवों केा आवास देता है। सिंचाई विभाग द्वारा फरवरी के आखिरी या मार्च के पहले सप्ताह में गंगा बैराज के पुल के सभी 28 गेट उठा दिए जाते हैं। गेट उठने से वेटलैंड क्षेत्र का पानी भी निकल जाता है।

    मार्च से जून तक पानी लगातार कम होता जाता है। इस बार बरसात लेट होने पर गंगा का पानी एक हजार क्यूसेक से भी नीचे पहुंच गया था। गंगा में हरिद्वार के भीमगौड़ा बैराज से पानी आता है। इस बार बांध में भी पानी कम होने के कारण गंगा में जून में पानी नहीं छोड़ा गया। गंगा में पोंडिंग होना यानि वेटलैंड क्षेत्र में पानी भरा जाना भी जरूरी होता है।

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    पोंडिंग करने के लिए गंगा में दस हजार 600 क्यूसेक पानी होना चाहिए लेकिन 30 जून तक भी गंगा में केवल दो हजार क्यूसेक पानी ही चल रहा था। बुधवार को हुई झमाझम बरसात से गंगा में पानी बढ़कर नौ हजार क्यूसेक से ऊपर पहुंच गया है। गंगा में पानी बढ़ने पर बुधवार शाम को गंगा बैराज के सभी गेट बंद कर दिए गए हैं।

    अब पुल से पहले के क्षेत्र में पानी भरना शुरू हो गया है। गंगा में पानी का स्तर समुद्र तल से 221.5 मीटर होने तक पोंडिंग होगी। पानी का स्तर इतना होने पर ही मध्य गंगा नहर फेज वन और टू में पानी छोड़ा जा सकता है। पानी का स्तर इतना होने पर बैराज के गेट खोले जाएंगे।

    रामधारा से निकलता है पानी

    गंगा बैराज के गेट बंद होने पर भी उसमें पानी आता रहता है। गेट नंबर 20 और 21 के बीच में एक गेट अलग से बनाया गया है। इस पर फाटक नहीं है। इसे रामधारा कहा जाता है। बैराज के सभी गेट बंद होने पर भी इससे पानी निकलता रहता है। इससे लगभग 589 क्यूसेक पानी निकलता है।

    इन्‍होंंने कहा 

    गंगा में अभी भी पानी कम है लेकिन पोंडिंग करनी ही है। बिना पोंडिंग के नहरों में भी पानी नहीं छोड़ा जा सकता है। बुधवार से पोंडिंग शुरू कर दी गई है।
    -कर्णपाल सिंह, अधिशासी अभियंता-सिंचाई विभाग