बिजनौर: प्रबल हत्याकांड के मामले में सात दोषी करार, इनमें UP महिला आयोग की सदस्य का बेटा और पति भी शामिल
Bijnor News: बिजनौर में वर्ष 2012 में हुए प्रबल हत्याकांड में अदालत ने सात आरोपितों को दोषी ठहराया है। उनकी सजा पर सुनवाई 31 जुलाई को होगी। ...और पढ़ें

बिजनौर में पुलिस कस्टडी में लिए गए आरोपित और वहां मौजूद अन्य लोग। जागरण
HighLights
19 दिसंबर 2012 को हुई थी हत्या, गंगा से बरामद हुआ था शव।
सभी दोषियों की सजा पर सुनवाई 31 जुलाई को होगी।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। वर्ष 2012 में हुए बहुचर्चित प्रबल हत्याकांड मे अपर जिला एवं सत्र न्यायालय तथा एफटीसी कोर्ट के न्यायाधीश शहजाद अली ने सात आरोपितों को दोषी माना है। सजा पर सुनवाई 31 जुलाई को होगी।
19 दिसंबर 2012 को अग्रसेन जयंती के अवसर पर शहनाई बैंकट हॉल में प्रबल की हत्या कर दी गई थी। उक्त मामले में प्रबल की हत्या करने के बाद उसके शव को गंगा नहर के पास फेंक दिया गया था । उक्त मामले में राहुल गुप्ता, आशीष, निखिल अग्रवाल, संजय गुप्ता, अनुज गुप्ता, विनय अग्रवाल और अपूर्व अग्रवाल के नाम प्रकाश में आए।
उक्त मामले में न्यायाधीश ने समस्त आरोपितों को प्रबल हत्याकांड का दोषी माना। उक्त मामले में सजा पर सुनवाई 31 जुलाई को होगी। आरोपित संजय गुप्ता जिला रामलीला कमेटी संरक्षक, विनय अग्रवाल उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन अग्रवाल का पति है और अपूर्व अग्रवाल उनका बेटा है। सभी को हिरासत में ले लिया गया है।
यह था मामला
19 दिसंबर 2012 को बिजनौर शहर के शहनाई बैंक्वेट हाल में महाराजा अग्रसेन जयंती कार्यक्रम मनाया जा रहा था। कार्यक्रम में मुहल्ला जाटान का रहने वाला 17 साल का प्रबल अग्रवाल भी शामिल हुआ था। आरोप है कि कार्यक्रम के शामिल रसूखदारों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी थी। एक निजी अस्पताल ले जाते ही मौत हो गई थी।
आरोपितों ने शव को कार से गंगा में फेंक दिया था। कई दिन बाद उसका शव गंगा से बरामद हुआ था। उसके जेब से मिले मोबाइल फोन के सिम से उसकी पहचान हुई थी। हत्याकांड को लेकर लोगों में गुस्सा था। मृतक का परिवार काफी सामान्य था। जिनके नाम सामने आए थे। वे उस समय के काफी संपन्न और रसूखदार थे।
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कई दिन तक जिले में धरना-प्रदर्शन हुआ था। पुलिस ने सात आरोपितों विनय अग्रवाल, संजय गुप्ता, आशीष अग्रवाल, अपूर्व अग्रवाल, राहुल गुप्ता, निखिल और अनुज अग्रवाल के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। बेटे के केस की पैरवी के दौरान प्रबल के पिता आलोक अग्रवाल की मौत हो गई थी। तब से उसकी बहन ही भाई के केस की पैरवी कर रही हैं।