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    ब‍िजनौर में फर्जी दस्तावेजों से 48 लाख की धोखाधड़ी, पिता-पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज

    By Rahul Shyam Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Sat, 08 Aug 2026 06:30 AM (IST)

    Bijnor News: ब‍िजनौर में एक व्यक्ति ने साझेदारी के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाकर 48 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर ...और पढ़ें

    प्रतीकात्‍मक फाेटो।

    प्रतीकात्‍मक फाेटो।

    HighLights

    1. फर्जी दस्तावेजों से आवासीय कॉलोनी साझेदारी में ठगी का आरोप।

    2. पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

    संवाद सूत्र, स्योहारा (ब‍िजनौर)। स्योहारा नगर के मुहल्ला पटवारियान निवासी एक व्यक्ति ने कुछ लोगों पर साझेदारी के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाकर 48 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। इसका विरोध करने पर आरोपितों ने जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

    मुहल्ला पटवारियान निवासी मोहम्मद आमिर पुत्र यामीन ने पुलिस को बताया कि उन्होंने शमशाद अहमद निवासी इस्लामनगर, स्योहारा के साथ गांव पित्थापुर में आवासीय कालोनी विकसित कर बेचने के लिए साझेदारी की थी। आरोप है कि उन्होंने अलग-अलग चरणों में कुल 60 लाख रुपये साझेदारी के रूप में दिए थे।

    तय अवधि पूरी होने के बाद भी न तो मूल धन वापस मिला और न ही लाभांश का भुगतान किया गया। पीड़ित का कहना है कि बाद में हिसाब-किताब के बाद शमशाद अहमद ने 48 लाख रुपये देने का आश्वासन दिया और इस संबंध में दो चेक भी दिए। जब चेक बैंक में प्रस्तुत किए गए तो वे खाते के बंद होने के कारण बाउंस हो गए।

    इसके बाद उन्हें पता चला कि समझौते और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी फर्जी तरीके से तैयार किए गए थे, तथा संपत्ति में उन्हें कोई साझेदारी नहीं दी गई। बल्कि किसी अन्य व्यक्ति के स्वामित्व में थी। इस मामले में पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर शमशाद अहमद व उसके बेटे शाद अहमद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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    दुकान बंद करके भागने पर नौ दुकानदारों को नोटिस जारी

    बिजनौर: शुक्रवार को प्रशासनिक टीम ने उर्वरकों की दुकान पर छापा मारा। जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया के अनुसार गठित संयुक्त टीम ने कुल 46 उर्वरक विक्रय केंद्रों पर छापे मारे। 19 उर्वरकों के नमूने लिए गए।

    निरीक्षण के समय दुकान बंद कर भागने एवं अभिलेख अपूर्ण पाए जाने के कारण नौ उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। अनियमित्त पाए जाने पर सिंह फ़र्टिलाइज़र बिलाई बिजनौर, कृषि केंद्र एग्री जंक्सन वन स्टाप शाप हबीबवाला एवं एग्री क्लिनिक एंड एग्री बिजनेस सेंटर ताजपुर का उर्वरक प्राधिकार पत्र निलंबित कर दिया गया।