चकबंदी विभाग में तैनात महिला कर्मचारी से 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी, PNB के मैनेजर समेत चार पर केस
Bijnor News: अमरोहा चकबंदी विभाग की पेशगार रेणू से 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई है। इस ममले में पीएनबी शाखा प्रबंधक समेत चार लोगों के खिलाफ बिजनौर म ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
तहरीर पर दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज।
आवासीय लोन और फर्जी खाते से ठगी।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। अमरोहा के चकबंदी विभाग में तैनात महिला पेशगार से 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। आरोपितों ने आवासीय लोन देने की आड़ में धोखाधड़ी की गई। पेशगार की तहरीर पर पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक समेत चार आरोपितों के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
शहर के नूरपुर रोड स्थित अंबे विहार कालोनी निवासी रेणू के पति कंचनपाल की कारोना काल में मौत हो गई थी। पति की जगह रेणू को अमरोहा चकबंदी विभाग में पेशगार की नौकरी मिल गई थी। पेशगार ने शहर कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उसने धामपुर के एक्सिस बैंक में कभी खाता नहीं खुलवाया। वह कभी इस बैंक में नहीं गई।
धोखाधड़ी कर स्टाफ ने उसका खाता शाखा में खोल दिया। उसके नाम पर पांच लाख रुपये का ऋण ले लिया। समस्त पैसा निकाल लिया गया। दो साल के बाद इसकी जानकारी हुई। आरोप लगाया कि यह धोखाधड़ी में पंजाब नेशनल बैंक आरबीडी शाखा के प्रबंधक महेश कुमार, संजीव और मनोज उर्फ संजीव ने की है।
पुलिस ने तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी कर गबन करने की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया। वहीं दूसरी रिपोर्ट रेणू ने पीएनबी की आरबीडी शाखा प्रबंधक महेश कुमार और आवास विकास कालोनी निवासी मनोज के खिलाफ दर्ज कराई है। रेणू का कहना है कि उनके पास घर नहीं होने के कारण आवासीय लोन के लिए पंजाब नेशनल बैंक की आरबीडी शाखा में आवेदन किया गया।
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लोन स्वीकृत हो गया। बैंक स्टाफ ने उनसे आठ खाली चेक लिए। दो चेक के माध्यम से उनके खाते से रकम निकाल ली गई। आरोप है कि पीएनबी की शाखा से 35 लाख रुपये का लोन स्वीकृत किया गया था। पूरा पैसा निकाल लिया। पैसा कहां गया। इस बारे में कोई जानकारी नहीं हैं।
लोन की किस्त उनकी सैलरी से कट रही है। शहर कोतवाल अवनीत मान ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच की जा रही है।