बिजनौर में मालन और खो नदी पर बने तटबंधों को कटान से बचाने की चुनौती, प्रशासन ने टीमें गठित कर शुरू कराई निगरानी
Bijnor News: बिजनौर जिला प्रशासन ने मालन और खो नदी के चार तटबंधों की निगरानी शुरू कर दी है। यह कदम बरसात में बाढ़ के खतरे और तटबंध काटे जाने की संभावन ...और पढ़ें

खो बैराज पर लगाया गया चेतावनी का फ्लेक्स।
HighLights
जलस्तर बढ़ने पर नदियाें का पानी घरों तक में घुस जाता है।
राजस्व, सिंचाई, पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गठित कर गश्त।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। जिला प्रशासन ने मालन एवं खो नदी पर बने चार तटबंधों की निगरानी शुरू कर दी। इसका कारण बरसात के मौसम में नदियों में आए उफान के दौरान इन दोनों नदियों के तटबंध काट दिए जाने की संभावना बनी रहती है।
मालन और खो नदी के तटबंधों की निगरानी शुरू
एक दशक पहले मालन नदी का रावली रोड पर बना तटबंध काट दिया गया था। उस दौरान मालन नदी की तेजधार ने एनएच- 119 पर कटान कर दिया था। निगरानी के लिए राजस्व, सिंचाई और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गठित की गई।
बाढ़ का खतरा और तटबंध काटने की वजह
बरसात के मौसम में गंगा,रामगंगा, खाे, मालन, कोटावाली, रवासन, नकटा, नचना समेत 16 नदियां है और इनमें बरसात के मौसम में उफान आना तय है। बताते है कि मालन नदी पर ग्राम बाकरपुर यूसुफपुर तटबंध, जबकि मुकरपुर सिपाहीवाला, तीपरजोत और शेरकोट में तटबंध बना हुआ है। अक्सर जलस्तर बढ़ने की वजह से इन नदियाें का पानी पहले खेतों में और बाद में लोगों के घर में घुस जाता है।
इन नदियों के किनारे बसे लोगों को आश्रय स्थलों में शरण लेनी पडती है। बताते है कि आबादी बचाने के चक्कर में लोग कई बार रात्रि के बाद कहीं न कहीं तटबंध को काट देते है।
ग्रामीणों की माने, तो एक दशक पहले फसल और आबादी बचाने के लिए ग्राम बाखरपुर और हमीदपुर के बीच मालन नदी का तटबंध काट दिया गया था। उस वक्त मालन नदी की तेजधार ने बिजनौर-रावली और बिजनौर-बैराज मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया था।
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निगरानी के लिए विशेष टीम गठित
उधर जिला प्रशासन ने बरसात के मौसम में मालन और खो नदी पर बनाए गए तटबंधों को बचाने के लिए टीम गठित कर दी। टीम में संबंधित तहसील के एसडीएम, सीओ और सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को शामिल किया गया।
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तीनों अधिकारी इन तटबंधों की निगरानी के लिए प्रतिदिन गश्त करेंगे। वहीं डीएम जसजीत कौर ने नदियों के तटबंधों की निगरानी के निए टीम गठित किए जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि इन तटबंधों की निगरानी शुरू कर दी गई है।