VIDEO: बहुचर्चित प्रबल हत्याकांड में सभी सात अभियुक्ताें को आजीवन कारावास, दोषियों में रसूखदार और बड़े व्यापारी शामिल
बिजनौर के बहुचर्चित प्रबल अग्रवाल हत्याकांड में सात रसूखदार आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। दोषियों में यूपी महिला आयोग की सदस्य का पति ...और पढ़ें
HighLights
वर्ष 2012 का है मामला, कोर्ट ने जुर्माने की राशि में से 90 प्रतिशत पीड़ित परिवार को देने का आदेश दिया।
विवेचना में लापरवाही बरतने पर तत्कालीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई को उच्च अधिकारियों को लिखा ।
संवाद सहयोगी, बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय एवं फास्ट ट्रैक कोर्ट-दो के न्यायाधीश शहजाद अली ने वर्ष 2012 में हुए बहुचर्चित प्रबल अग्रवाल हत्याकांड में आरोपित संजय गुप्ता, विनय अग्रवाल, अपूर्व अग्रवाल, राहुल गुप्ता, आशीष अग्रवाल उर्फ रीशू, निखिल अग्रवाल व अनुज गुप्ता को 29 जुलाई को दोषी करार दिया था।
इस मामले में आज शुक्रवार को कोर्ट ने सभी आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने समस्त दोषियों में प्रत्येक पर एक लाख 15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। दोषियों में सभी रसूखदार और बड़े व्यापारी हैं। इनमें उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन अग्रवाल के पति और बेटा भी शामिल है।
अग्रसेन जयंती के अवसर पर 19 दिसंबर 2012 को जजी रोड स्थित शहनाई मंडप में कार्यक्रम था। कार्यक्रम से मुहल्ला जाटान निवासी प्रबल अग्रवाल लापता हो गए थे। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अजीत पंवार और एडीजीसी प्रमोद कुमार शर्मा के अनुसार आलोक अग्रवाल ने शहर कोतवाली में अपने पुत्र प्रबल के अपहरण को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट में लिखा था कि प्रबल रात आठ बजे अग्रसेन जयंती कार्यक्रम में आशीष अग्रवाल और सचिन अग्रवाल के साथ गए थे। आरोप लगाया था कि आरोपित दीपू, अजय अग्रवाल, अरविंद कुमार आदि ने मिलकर उसके पुत्र को बुरी तरह मारा पीटा। उक्त आरोपित शराब के नशे में थे।
खबरें और भी
प्रबल को मारपीट करते हुए आरोपित उसे कहीं ले गए और तभी से प्रबल पता नहीं चला। 15 जनवरी को प्रबल का शव मेरठ के हस्तिनापुर में गंगा किनारे बरामद हुआ था। आलोक ने शव की पहचान की थी। पुलिस ने विवेचना में संजय गुप्ता, विनय अग्रवाल, अपूर्व अग्रवाल, राहुल गुप्ता, आशीष अग्रवाल, निखिल अग्रवाल व अनुज गुप्ता को मामले में आरोपित बनाया था। इस मामले में सभी अभियुक्तों के खिलाफ पुलिस ने अपहरण कर हत्या करने और साक्ष्य मिटाने का आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था।
गत 29 जुलाई को न्यायाधीश शहजाद अली ने प्रबल की हत्या में उक्त आरोपितों को दोषी माना था। कोर्ट ने 31 जुलाई को सजा सुनाने की तारीख तय की थी। सभी दोषियों को न्यायिक हिरासत में जिला कारागार भेज दिया गया था। शु्क्रवार को कोर्ट ने सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
दोषी विनय उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन अग्रवाल के पति और अपूर्व अग्रवाल उनका बेटा है। मामले में मुख्य आरोपित संजय गुप्ता रामलीला कमेटी के पहले अध्यक्ष रहे और अब संरक्षक है। वहीं दोषी अनुज गुप्ता के पिता घनश्याम दास गुप्ता पांच बार से भाजपा के सभासद हैं। वहीं दोषी अनुज के भाई संजीव गुप्ता भाजपा के नगराध्यक्ष रहे हैं। दोषी राहुल गुप्ता शहर के प्रतिष्ठित जलेबी विक्रेता का भतीजा है।