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    फर्जी कंपनी... निवेश का झांसा और 25 करोड़ हजम, बिजनौर में यूं की गई करोड़ों की ठगी

    By Birendra Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Sun, 26 Jul 2026 06:26 PM (IST)

    बिजनौर में शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर एक फर्जी कंपनी ने लगभग 3000 लोगों से 25 करोड़ रुपये की ठगी की। पीड़ितों की शिकायत पर पांच आरोपियों के खिला ...और पढ़ें

    (प्रतीकात्मक फोटो)

    (प्रतीकात्मक फोटो)

    HighLights

    1. फर्जी कंपनी ने 3000 लोगों से 25 करोड़ ठगे।

    2. शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर फंसाया।

    3. पांच आरोपियों के खिलाफ बिजनौर में मुकदमा ।

    जागरण संवाददाता, बिजनौर। शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर फर्जी कंपनी बनाकर तीन हजार लोगों से लगभग 25 करोड़ की ठगी कर ली गई। एक पीड़ित की तहरीर पर शहर कोतवाली में पांच आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि फर्जी कंपनी का नेटवर्क तैयार कर ग्रुप बनाकर लोगों से पैसे लिए गए। कंपनी के बैंक खातों में भेजे गए। अब डेढ़ साल से कंपनी गायब हो गई है। ठगी के शिकार लोग जगह-जगह चक्कर काट रहे हैं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    शहर काजीपाड़ा निवासी ताज नबी ने शहर कोतवाली में देहरादून निवासी नवीन नेगी, गढ़वाल निवासी राजेश वशिष्ठ, बिजनौर कोतवाली के बंगाली कालोनी निवासी पूजा विश्वास, बिजनौर के सिविल लाइंस निवासी मोहित कुमार और गांव आदमपुर निवासी मुकेश कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि तीन वर्ष पहले उक्त लोगों ने उससे संपर्क किया। आरोपितों ने खुद को शेयर मार्केट में निवेश करने वाली एक कंपनी का टीम लीडर बताया। जगह-जगह ग्रुप बनाकर मीटिंग की। इस तरह इन लोगों ने बिजनौर के करीब तीन हजार लोगों के रुपये उस कंपनी से जुड़े बैंक खातों में जमा कराए।

    जिलेवासियों से कुल 25 करोड़ की ठगी कर ली। बार-बार मांगने के बाद भी आरोपित अब पैसा नहीं लौटा रहे हैं। पैसा मांगने पर आत्महत्या करने या झूठे मुकदमें में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित ने आरोपितों के बैंक खाते सीज करने और पासपोर्ट जमा करने की मांग की है। शहर कोतवाल अवनीत मान ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

    हर महीने एक लाख पर दिए जाते थे सात हजार
    बताया जा रहा है कि बोट ब्रो के नाम से चार साल से एक कंपनी दुबई से संचालित हो रही थी। कंपनी का संचालन मुजफ्फरनगर निवासी लवीश चौधरी कर रहा था। डेढ़ साल पहले एकाएक कंपनी बंद हो गई। कंपनी संचालित करने वाला लवीश चौधरी दुबई भाग गया। इस कंपनी में देशभर के हजारों लोगों के की रकम जमा कराई। ईडी अन्य जांच एजेंसियों ने भी इसकी जांच की, लेकिन लवीश दुबई से नहीं लौटा। केस में नामजद उक्त आरोपित खुद को कंपनी के टीम लीडर बताते थे।

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    कंपनी में पैसा निवेश कराते थे। बताया जा रहा है कि बिजनौर में भी बड़ी संख्या में लोगों ने मोटी रकम इस कंपनी में निवेश की है। कंपनी शुरू में एक महीने एक लाख पर सात हजार रुपये देती थी। पैसे लगाने वाला व्यक्ति अपने नीचे अतिरिक्त निवेश कराता था, तो उसे कमीशन मिलता था। इस तरह लोगों को लालच देकर पैसा लगाने के लिए फंसाया जा रहा था। साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि धन को दुगना या हर महीने मोटा मुनाफा देने का प्रलोभन देता है तो उसके विश्वास में न आए। यह एक ठगी का तरीका है।