बिजनौर में गुलदार के पिंजरे में खुद को बंद कर रहे किशोर, ग्रामीणों की लापरवाही से बढ़ा खतरा
बिजनौर में गुलदार के हमलों के बावजूद, किशोरों द्वारा गुलदार पकड़ने वाले पिंजरों से खिलवाड़ करने का चौंकाने वाला वीडियो ...और पढ़ें
HighLights
किशोरों द्वारा गुलदार के पिंजरे से खिलवाड़ का वीडियो वायरल।
नजीबाबाद में गांव वाले रोकने के बजाय बना रहे वीडियो।
इस साल गुलदार पांच बच्चों की जान ले चुका है।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। गुलदार इस वर्ष पांच बच्चों की जान ले चुका है इसके बाद भी गांव वाले लापरवाही करने से बाज नहीं आ रहे हैं। नजीबाबाद के एक गांव का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। वीडियो में गांव के किशोर खुद पिंजरे में बैठकर उसका खटका गिरा रहे हैं। उन्हें मना करने के बजाए कोई गांव वाला ही उनकी वीडियो बना रहा है।
गुलदार पकड़ने के लिए जिले में अलग अलग स्थानों में लगभग 125 पिंजरे लगे हैं। पिंजरे में आमतौर पर मुर्गी बंद की जाती है। गुलदार पिंजरे में आए या न आए लेकिन वह उसकी आसपास जरूर आता है। गांव वालों से पिंजरे के आसपास न जाने को कहा जाता है। नजीबाबाद क्षेत्र के एक गांव का एक वीडियो प्रसारित हो रहा है। इसमें खेत में पिंजरा लगा दिख रहा है।
पिंजरे के अंदर चार-पांच किशोर बैठे हैं और पिंजरे के ऊपर भी तीन चार किशोर खड़े हैं। सभी शोर मचा रहे हैं। एक व्यक्ति वीडियो बना रहा है। कह रहा है कि पिंजरे में गुलदार तो नहीं आ रहा लेकिन ये लड़के रोज आ रहे हैं। इसके बाद किशोर आपस मे बात करके पिंजरे के खटके को हिला देते हैं। इससे पिंजरे का गेट झटके से बंद हो जाता है और वे उसमें बंद हो जाते हैं।
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ऐसे करता है काम
पिंजरा दो हिस्सों में बंटा होता है। छोटे हिस्से में गुलदार को ललचाने क़े लिए शिकार को बांधा जाता है। यह पिंजरे के अंदर और बाहर दोनों से बंद होता है। दूसरे हिस्से की ओर से गुलदार आता है। जब गुलदार आता है तो पिंजरा हिलता है। अंदर लोहे की तीन इंच की एक लोहे की पटरी होती है। गुलदार जैसे ही उस पटरी पर पैर रखता तो वह पटरी दब जाती है और उससे जुड़ा तार निकल जाता है। यह तार पिंजरे के एक ओर के गेट को खुला रखता है। तार निकलते ही पिंजरे का गेट गिरकर बंद हो जाता है।
