UP के इस जिले में बनेगा बड़ा इंडस्ट्रियल काॅरिडोर, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार; यूपीडा ने हाईवे किनारे मांगी भूमि
Bijnor News : बिजनौर में एक बड़ा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने की तैयारी है। यूपीडा ने प्रशासन से हाईवे किनारे 1000 हेक्टेयर भूमि चिह्नित करने को कहा है। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो l
HighLights
यूपीडा ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर 1000 हेक्टेयर भूमि मांगी।
बेहतर कनेक्टिविटी से उद्यमियों के लिए आकर्षक का केंद्र बनेगा बिजनौर।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। जिले में बड़ा इंडस्ट्रियल काॅरिडोर बनाने के लिए यूपीडा के अधिकारियों ने प्रशासन को पत्र लिखा है। हाईवे के किनारे इंडस्ट्रियल काॅरिडोर खोलने के लिए एक हजार भूमि चिह्नित करने को कहा है।
किसानों से भूमि खरीदकर यहां पर इंडस्ट्रियल काॅरिडोर बनाया जाएगा। देश-विदेश में व्यापार करने वाली कंपनी यहां पर स्थापित होंगी। इसके लिए प्रशासन ने हाईवे के किनारे भूमि की तलाश शुरू कर दी है। अच्छी कनेक्टिविटी वाली सड़क के पास भूमि देखी जा रही है।
जिले में इंडस्ट्रियल एरिया बनाने की मांग लंबे समय से हो रही है। उद्यमी इस मांग को शासन-प्रशासन के सामने उठाते रहते हैं। उत्तराखंड और एनसीआर क्षेत्र के उद्यमियों की नजर भी बिजनौर पर रहती है लेकिन इंडस्ट्रियल एरिया न होने की समस्या आड़े आ जाती है।
मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे को फोरलेन करने का काम लगभग पूरा
इसके अलावा जिले में अच्छी सड़कों व हाईवे पर लगने वाला जाम भी बड़ी समस्या बनता है। लेकिन अब ऐसा नहीं है। मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे को फोरलेन करने का काम लगभग पूरा किया जा चुका है तो गोरखपुर-शामली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे भी जिले से होकर निकाला जा रहा है। अब गंगा एक्सप्रेस वे को भी जिले से निकाला जा रहा है।
यानि कनेक्टिविटी की समस्या का समाधान हो गया है। अब जरूरत है तो इंडस्ट्रियल एरिया के लिए भूमि की। जिले में एक हजार हेक्टेयर यानि 12 से 12.5 हजार बीघा भूमि में इंडस्ट्रियल कारिडोर बनाने की तैयारी की जा रही है।
इसके लिए जिले में भूमि की तलाश भी शुरू हो गई है। यूपीडा के अधिकारियों ने हाईवे या किसी सड़क के किनारे इंडस्ट्रियल एरिया के लिए भूमि की तलाश करने के लिए डीएम को पत्र लिखा है।
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यूपीडा करेगा भूमि खरीद से जुड़ी प्रक्रिया
इसकी भूमि खरीद से जुड़ी प्रक्रिया भी यूपीडा के द्वारा ही की जाएगी। सभी एसडीएम को उनके क्षेत्र में भूमि की तलाश करने को कहा गया है। जिले में भूमि की कोई कमी नहीं है। इंडस्ट्रियल कारिडोर किसी नदी के किनारे स्थापित नहीं होगा। इससे वहां पर बरसात में बाढ़ आदि की समस्या आ सकती है। साथ ही विवादित भूमि से बचने को भी कहा गया है।
जिले के लोग आर्थिक रूप से होंगे मजबूत
इंडस्ट्रियल कारिडोर में उद्योगों के लिए बिजली, पानी, अस्पताल, सड़क, ड्रेनेज सिस्टम आदि की सारी व्यवस्था खुद ही विकसित की जाएगी। यहां उद्यमियों की मांग के अनुसार उन्हें भूमि दी जाएगी। इंडस्ट्रियल कारिडोर बनने से हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा और जिले के लोग आर्थिक रूप से बहुत मजबूत होंगे।
इन्होंने कहा
यूपीडा ने भूमि चिह्नित करने के लिए पत्र लिखा है। उत्तराखंड और एनसीआर के कई उद्यमी भी भूमि के लिए संपर्क कर रहे हैं। इंडस्ट्रियल एरिया बनेगा तो बड़ी कंपनी आएंगी और युवाओं को रोजगार मिलेगा।
अमित कुमार, उपायुक्त उद्योग