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    चांदपुर विधानसभा सीट: विकास की उम्मीदें अधूरी, विधायक बोले- विपक्ष में होने के कारण कई प्रस्तावों पर नहीं लगी मुहर 

    By Navneet Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Sat, 25 Jul 2026 06:08 PM (IST)

    Uttar Pradesh MLA Report Card: बिजनौर जिले के चांदपुर क्षेत्र में समस्याओं का अंबार है। सपा विधायक स्वामी ओमवेश का कहना है कि विपक्ष में होने को कारण ...और पढ़ें

    चांदपुर विधानसभा क्षेत्र

    चांदपुर विधानसभा क्षेत्र

    HighLights

    1. खादर क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा का मुद्दा अनसुलझा रहा।

    2. विधायक बोले- निधि का उपयोग क्षेत्र के विकास में किया।

    जागरण संवाददाता, बिजनौर। चांदपुर विधानसभा सीट पर वर्ष 2022 में समाजवादी पार्टी के स्वामी ओमवेश पर भरोसा जताकर जनता ने बदलाव और विकास की जो उम्मीद पाली थी, उन पर अभी तक व पूरी तरह से खरे नहीं उतरे हैं। इस कार्यकाल के सवा चार साल बाद भी बाढ़ सुरक्षा, सड़क, खेल और शिक्षा से जुड़े बुनियादी मुद्दों पर अपेक्षित प्रगति नजर नहीं आती। सबसे बड़ी विफलता बाढ़ नियंत्रण के मोर्चे पर दिखती है।

    खादर क्षेत्र के लोग हर बरसात में बाढ़ की विभीषिका झेलते हैं, फिर भी जलीलपुर क्षेत्र में तटबंध निर्माण को लेकर कोई ठोस पहल नहीं हुई। यह सिर्फ एक अधूरी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। बरसात का मौसम शुरू होते ही लोग बाढ़ के खौफ में जी रहे हैं।

    दूसरा बड़ा मुद्दा युवाओं से जुड़ा है। मिनी स्टेडियम की मांग केवल एक खेल परिसर की नहीं, बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं के लिए अवसर और पहचान की मांग थी। इसी तरह लड़कियों के लिए अलग कालेज का वादा शिक्षा और सामाजिक सशक्तीकरण से जुड़ा था, लेकिन उसके भी धरातल पर उतरने के संकेत नहीं मिले।

    सड़कें किसी भी क्षेत्र के विकास का सबसे बुनियादी पैमाना होती हैं। चांदपुर क्षेत्र में यही सबसे कमजोर कड़ी नजर आती है। दूरस्थ गांवों के संपर्क मार्गों की स्थिति बताती है कि गांव-गांव कनेक्टिविटी का वादा अभी भी अधूरा है। शहरी क्षेत्र में सेंट स्टीफन व फैजीपुर मार्ग के निर्माण की मांग कई बार उठी, लेकिन लोगों को गड्ढों व कीचड़ से ही जूझना पड़ता है।

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    बास्टा, जलीलपुर, हीमपुरदीपा क्षेत्र के कई गांवों में मार्गों पर निकलना दूभर है। राजनीतिक रूप से देखें तो स्वामी ओमवेश की जीत संकीर्ण अंतर और मजबूत सामाजिक समीकरणों पर टिकी थी, इसलिए उन पर प्रदर्शन का दबाव और भी ज्यादा था। जनता ने पुराने विकल्पों से हटकर उन्हें मौका दिया था, इसलिए उनसे अपेक्षा भी अधिक थी।

    अब यही स्थिति उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है कि वे अपने दावों और जमीन पर दिखने वाले काम के बीच की दूरी कैसे घटाते हैं।

    समय-समय पर समस्याओं को सदन में उठाया: विधायक

    विधायक स्वामी ओमवेश का कहना है कि क्षेत्र के विकास के लिए उन्होंने समय-समय पर समस्याओं को सदन में उठाया। फीना व पैजनिया मार्ग उनके कार्यकाल में बना, बास्टा मार्ग के निर्माण के लिए भी स्वीकृति दिलाई। ग्रामीण क्षेत्रों में कई सड़कों और स्वागत द्वारों का अपनी निधि से निर्माण कराया।

    विधायक ने बताया कि तटबंध व मिनी स्टेडियम का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, लेकिन स्वीकृति नहीं मिल सकी। अब तक 22 करोड़ निधि मिल चुकी है, जिसका उपयोग क्षेत्र के विकास में किया गया है। शहर ही नहीं गांव-गांव प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सोलर लाइट व स्ट्रीट लाइट लगवाया। विपक्षी विधायक होने के कारण मेरे कई प्रस्ताव पर मुहर नहीं लग सकी है।

    विधायक ने कोई बड़ा कार्य नहीं किया: भाजपा प्रत्याशी

    2022 विधानसभा चुनाव में दूसरे स्थान पर रहने वालीं भाजपा प्रत्याशी कमलेश सैनी ने कहा कि विधायक ने कोई बड़ा कार्य नहीं किया है। सड़कें बनीं न अन्य कोई विकास कार्य हुआ। अब तक 22 करोड़ के आसपास निधि मिल चुकी है, लेकिन उसका इस्तेमाल कहां हुआ, धरातल पर नजर नहीं आ रहा है।

    विस क्षेत्र के गांव हीमपुर बुजुर्ग, मलेशिया, हुसैनपुर, लदुपुरा समेत बड़ी संख्या में कई गांवों के मुख्य मार्ग आज भी बदहाल हैं। खादर क्षेत्र में बाढ़ से बचाव के लिए तटबंध बनाने की बात कही गई, उस पर भी कोई कार्य नहीं हो सका।

    जनता कहिन

    माैजूदा विधायक स्वामी ओमवेश जनता की उम्मीदों पूरी तरह खरे नहीं उतर सके हैं। ककराला व उसके आसपास के गांवाें सड़कें बदहाल हैं तो लाइट की भी व्यवस्था नहीं जा सकी है। कार्यकाल में 
उनका गांव में आना भी कम 
ही रहा है।
    -सतेंद्र सिंह, किसान, ककराला।

    चांदपुर विधायक द्वारा विकास कार्य कराने में विफल रहे हैं। व्यापारियों को लेकर भी कोई कदम नहीं उठाया गया। संपर्क भी कम रखते हैं। अन्य जो विकास कार्य कराए हैं, वह पक्षपात पूर्ण रहे हैं। स्ट्रीट लाइटों को लगवाने के लिए पक्षपात किया गया। जनहित के मुद्दों को भी मुखरता से नहीं उठा पा सके हैं। अपने कार्यकाल में गुड़ मंडी व अन्य व्यापारियों के लिए कोई कार्य नहीं किया।
    -वीरेंद्र राजपूत, गुड़ व्यापारी।

    खादर क्षेत्र में बाढ़ बहुत बड़ी समस्या रही है। जनता को उम्मीद थी कि स्वामी ओमवेश सदन में अपनी बात मजबूती से रखते हुए बाढ़ से बचाव को तटबंध बनवा सकेंगे। लेकिन, ऐसा नहीं हो सका है। ऐसे में खादर क्षेत्र के ग्रामीणों की उम्मीद टूटी है। उनका वायदा पूरा नहीं हुआ।
    -वेद प्रकाश, किसान

    आज तक क्षेत्र में मिनी स्टेडियम की आस पूरी नहीं हो सकी है। युवा प्रतिभाओं को तैयारी के लिए दूर-दराज के खेल मैदान या एकेडमी जाना पड़ता है। स्वामी ओमवेश द्वारा भी इसके लिए कोई पहल नहीं 
की जा सकी है। 

    -अंकित कुमार, कबड्डी खिलाड़ी।