जम्मू-कश्मीर से लौटे CRPF सब इंस्पेक्टर की बिजनौर में छत से गिरकर मौत, बेटी ने दी मुखाग्नि; लोगों की आंखें हुईं नम
बिजनौर के जयनगर गांव में जम्मू-कश्मीर से लौटे सीआरपीएफ सब-इंस्पेक्टर उमेश कुमार की छत से गिरकर मौत हो गई। राजकीय ...और पढ़ें

रामगंगा घाट पर सीआरपीएफ सब इंस्पेक्टर को मुखाग्नि देतीं बेटी आशु रानी। इंसेट में उमेश कुमार का फाइल फोटो।
HighLights
जम्मू-कश्मीर से तीन दिन पहले ही लौटे थे अपने गांव।
सीआरपीएफ की 180वीं बटालियन में थे तैनात।
संवाद सूत्र, भूतपुरी (बिजनौर)। गांव जयनगर में सीआरपीएफ में तैनात सब-इंस्पेक्टर की छत से गिरने से मौत हो गई। वह तीन दिन पहले ही जम्मू-कश्मीर से अपने पैतृक गांव आए थे। घटना के समय वह घर में अकेले थे, पत्नी अपनी बेटी के पास दिल्ली गईं हुई थीं।
मंगलवार रात पड़ोसी की सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्वजन को सूचना दी, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, जहां राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। उनकी बड़ी बेटी ने रामगंगा घाट पर मुखाग्नि दी।
गांव जयनगर निवासी 55 वर्षीय उमेश कुमार पुत्र स्व. मुकंदी सिंह, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 180वीं बटालियन में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में सेवाएं दे रहे थे। बताया गया है कि वह तीन दिन पहले ही गांव आए थे, गांव में इस समय वह अकेले थे।
मंगलवार रात लगभग नौ बजे उनके पड़ोसी ने छत से देखा, तो उमेश घर आंगन में पड़े हुए थे। सूचना मिलने पर थाना अफजलगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची, घर बाहर से बंद होने के कारण पुलिस ने दरवाजा तुड़वाया, जिसके बाद घटना का पता चला। पुलिस ने जांच की लेकिन तब तक उमेश कुमार की मौत हो चुकी थी,
पुलिस ने उनकी पत्नी व स्वजन को सूचना दी, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पूछताछ में ग्रामीणों ने बताया कि मंगलवार को उमेश कुमार अपनी छत पर दिखे थे। आशंका है कि छत से घर के आंगन में गिरने से उनकी मृत्यु हुई है, जबकि घर में किसी सदस्य के न होने के कारण वह घायल अवस्था में नीचे पड़े रहे जिससे उनकी मृत्यु हो गई।
थाना प्रभारी मृदुल कुमार ने बताया कि मृतक की पत्नी रीता देवी अपनी दोनों बेटियों 18 वर्षीय आशु और 16 वर्षीय अंशिका के पास दिल्ली गई थीं। दोनो बेटियां दिल्ली में पढ़ाई कर रही हैं। उमेश कुमार का गांव आना-जाना कभी-कभार ही होता था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता लग सकेगा।
सीआरपीएफ जवानों ने दिया गार्ड ऑफ आनर
घटना की सूचना मिलते ही सीआरपीएफ की रामपुर बटालियन से इंस्पेक्टर विष्णु छेत्री के नेतृत्व में 10 जवानों की टुकड़ी जयनगर पहुंची। जवानों ने अपने साथी को पूरे सम्मान के साथ गार्ड ऑफ आनर देकर अंतिम सलामी दी। यह दृश्य देखकर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
बुधवार शाम पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही उमेश कुमार का पार्थिव शरीर घर पहुंचा, स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उनके पुत्र नहीं है। उनकी बड़ी बेटी आशु रानी ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। यह भावुक दृश्य देखकर अंतिम संस्कार में मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। पूरे गांव ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। भूतपुरी में रामगंगा घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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