Ganga Expressway के लिए भूमि अधिग्रहण की तैयारी, गांवों का सत्यापन पूरा होने पर जिला प्रशासन ने रिपोर्ट यूपीडा को भेजी
बिजनौर में ग्रीन फील्ड गंगा एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की तैयारी शुरू हो गई है। यूपीडा द्वारा चयनित गांवों का सत्यापन पूरा होने के बाद जिला प्रश ...और पढ़ें

HighLights
बिजनौर के गांवों में सर्वे और सत्यापन का कार्य हुआ पूरा।
बिजनौर सदर, चांदपुर, नजीबाबाद तहसीलों के गांव शामिल।
जागरण संवाददाता, बिजनाैर। अमरोहा से वाया बिजनौर होते हुए हरिद्वार तक प्रस्तावित ग्रीन फील्ड गंगा एक्सप्रेसवे के लिए जनपद के 105 गांवों चयन किया गया था। चयनित गांवों में भूमि के अधिग्रहण से पहले जरूरी प्रक्रिया को पूर्ण करते हुए सर्वे का काम शुरू किया और सर्वे होने पर यूपीडा ने इन सभी गांवों का तहसील स्तर से सत्यापन कराया।
अब सभी भूमि के गांवों में सत्यापन का काम पूरा होने के बाद जिला प्रशासन ने रिपोर्ट तैयार कर यूपीडा काे भेज दी है। जल्द ही इन चयनित गांंवाें में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
यूपीड़ा ने ग्रीन फील्ड गंगा एक्सप्रेसवे के नए एलाइमेंट में अमरोहा से वाया बिजनाैर से हरिद्वार तक पहुंचाने का निर्णय लिया था। नए एलाइमेंट में जनपद के 105 गांवाें काे चिन्हित किया था, इनमें सदर तहसील के 62, चांदपुर के 34 और नजीबाबाद के 11 गांव शामिल है।
तीन माह पहले यूपीडा ने इन चयनित गांवाें के सर्वे का काम नोएडा की कंपनी को सौंपा था। सर्वे का काम पूरा होने के बाद यूपीडा ने जून माह मेंं इन गांवों के सत्यापन कराए जान के निर्देश दिए। सदर, चांदपुर और नजीबाबाद तहसील में कार्यरत राजस्व कर्मियों ने जून माह में चयनित इन गांवों में किसानों की भूमि के अंश निर्धारण, ग्राम समाज की भूमि के सत्यापन का काम किया।
सत्यापन के दौरान राजस्वकर्मियों को तहसील सदर के ग्राम झाल समेत दो दर्जन से अधिक गांवों के राजस्व रिकार्ड और सर्वे रिपोर्ट के मिलान के दौरान भूमि के रकबे में अंतर मिला। इन त्रुटियों का सुधार करने के बाद संबंधित तहसीलों ने सत्यापन रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भेज दी।
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जिला प्रशासन ने इन गांवाें के सत्यापन की रिपोर्ट मुख्य कार्यपालक अधिकारी उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण काे भेज दी। जल्द ही इन गांवों में भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही शुरू हो जाएगी।
सत्यापन में मिले दो और गांव
यूपीडा द्वारा चयनित गांवों के सर्वे प्लान का सत्यापन हुआ तो यह तथ्य उजागर हुआ कि एक्सप्रेसवे में 105 के स्थान पर 107 ग्राम आ रहे है, इनमें दो गांव शरीफपुर बंगर ए और गौसपुर का प्लान यूपीडा द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया।