बाघ और गुलदार से भी खतरनाक भालू की बिजनौर में दस्तक, दहशत में ग्रामीण; ड्रोन से तलाश जारी
बिजनौर के नगीना क्षेत्र में खेतों में एक हिमालयन ब्लैक बीयर का बच्चा देखा गया है, जिसकी तलाश में वन विभाग की टीम जुटी है। भालू को बाघ और गुलदार से भी ...और पढ़ें

कोतवाली देहात क्षेत्र में पेड़ पर बैठा भालू। वीडियो ग्रैब
HighLights
बिजनौर के नगीना क्षेत्र में दिखा हिमालयन ब्लैक बीयर शावक।
खेतों में भालू को तलाश रहा वन विभाग, साहूवाला रेंज से आया बाहर।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। खेतों में गुलदारों के बाद एक और खतरनाक शिकारी दिखाई दिया है। सोमवार को नगीना क्षेत्र में एक भालू दिखने की वीडियो वायरल हुई थी। भालू हिमालयन ब्लैक बीयर प्रजाति का लग रहा है और अभी बच्चा है। वन विभाग की टीम भालू को खेतों में तलाश रही है। भालू को बाघ और गुलदार से भी खतरनाक शिकारी जानवर माना जाता है। ये मनुष्यों की ओर आराम से किसी मासूम जीव की तरह आता है और एकदम से हमला कर देता है। इसे पकड़कर वन में छोड़ा जाएगा।
पिछले वर्ष एक बाघिन अमानगढ़ टाइगर रिजर्व के बाहर खेतों में आ गई थी। तब माना गया था कि बाघिन खेतों को अपनी टेरेट्री बना रही रही है। वन विभाग की टीम ने बाघिन को ट्रेंकुलाइज करके बाहर भिजवाया था। गुलदारों का खेतों में घूमना बहुत आम बात हो गया है। गुलदार-मनुष्य संघर्ष लगभग साढ़े तीन वर्ष से चल रहा है। सोमवार को कोतवालीदेहात क्षेत्र के गांव गारवपुर में पेड़ पर बैठे एक वन्यजीव का फोटो प्रसारित हो रहा था।
वन विभाग की जांच में वह हिमालयन ब्लैक बीयर का बच्चा निकला है। अब तक की जांच में उसके खेतों में घूमने की भी पुष्टि हो रही है। वन विभाग की टीम खेतों में भालू के शावक को ढूंढ़ रही है। जिले में भालू की दो प्रजाति हिमालयन ब्लैक बीयर और एशिएटिक बीयर पाई जाती हैं। माना जा रहा है कि भालू के ये बच्चा साहूवाला रेंज से बाहर आया होगा। विभाग की टीम खेतों में कांबिंग करके और ड्रोन उड़ाकर उसकी तलाश कर रही है।
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यह होता है अंतर
हिमालयन ब्लैक बीयर एशिएटिक ब्लैक बीयर की ही एक उपप्रजाति है। सामान्य एशिएटिक ब्लैक बीयर की तुलना में हिमालयन ब्लैक बीयर के बाल अधिक लंबे, घने और खुरदरे होते हैं, जो उसे ठंड से बचाते हैं। दोनों की छाती पर वी आकार की सफेद रंक की आकृति होती है। भालू की दोनों प्रजाति फलों व शहद के अलावा कीट, दीमक, लार्वा, चीटी आदि खाते हैं।
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अचानक कर देते हैं हमला
विशेषज्ञ भालू को सबसे अधिक खतरनाक शिकारी मानते हैं। उनका कहना है कि बाघ और गुलदार छिपकर शिकार करते हैं जबकि भालू सामने से। ये मनुष्यों के पास बहुत आराम से टहलते हुए आते हैं। देखने में मासूम लगते हैं और इनसे किसी तरह का खतरा नहीं लगता है लेकिन ये एकदम से ही हमला कर देते हैं। भालू के हमले में जान भी जा सकती है।
इन्होंने कहा
वन से बाहर आया भालू अभी बच्चा लग रहा है। उसे तलाश में अभियान चलाया जा रहा है। गांव वालों को भी सतर्क किया गया है। भालू को पकड़कर वन में छोड़ दिया जाएगा।
-जय सिंह कुशवाहा, डीएफओ