बिजनौर के राकेश मर्डर केस में कोर्ट का बड़ा फैसला: आठ को उम्रकैद; एनकाउंटर में मारा गया था ढाई लाख का इनामी आदित्य राणा
Bijnor News: बिजनौर के राकेश हत्याकांड में आठ आरोपितों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। मुख्य आरोपित आदित्य राणा पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। ...और पढ़ें

HighLights
राकेश हत्याकांड में आठ आरोपितों को उम्रकैद की सजा मिली।
मुख्य आरोपित आदित्य राणा पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया।
न्यायाधीश लोकेश नागर ने सभी आठ दोषियों को सजा सुनाई।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। स्योहारा थाना क्षेत्र के गांव राना नंगला निवासी राकेश कुमार को 27 दिसंबर 2018 को बेरखेड़ा के पास एक दुकान पर बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
मृतक की पत्नी मंतोष देवी की तहरीर पर पुलिस ने राना नंगला निवासी कुख्यात बदमाश आदित्य राणा, उसकी बहन मोनिका, परिवार का राबिन व राहुल और दो अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
आरोप था कि 14 अक्तूबर 2017 को राकेश के भाई मुकेश की भी कुख्यात बदमाश आदित्य राणा ने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। राकेश अपने छोटे भाई मुकेश की हत्या में पैरोकारी कर रहा था। जेल में बंद आदित्य ने केस वापस लेने की राकेश को धमकी दी थी। केस वापस नहीं करने पर एलान के साथ ही उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी।
विवेचना में बढ़ाए थे आठ आरोपितों के नाम
राकेश हत्याकांड में पुलिस ने विवेचना में आठ आरोपितों के नाम बढ़ाए थे। नामजद आरोपित आदित्य, मोनिका, रोबिन और राहुल के अलावा पीयूष, प्रदीप, सोनू, अक्षय, बिट्टू उर्फ चंद्रवीर, राजपाल उर्फ इच्छाराम, सुदेशना उर्फ गुड्डी, जयवीर और शुभम के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था।
कोर्ट ने इन्हें माना दोषी
न्यायाधीश लोकेश नागर ने शनिवार को आरोपित आदित्य के बड़े भाई चंद्रवीर उर्फ बिट्टू, गांव राना नंगला निवासीगण राबिन, जयवीर व शुभम के अलावा नांगलसोती के गांव अभिपुरा निवासी अक्षय, नूरपुर के गांव पुरैना निवासी पीयूष, गांव पीपलसाना निवासी प्रदीप और शहर कोतवाली के गांव हमीदपुर निवासी सोनू को दोषी माना है।
एनकाउंटर में मारा गया था मुख्य आरोपित
केस की सुनवाई के दौरान ढाई लाख का इनामी बदमाश आदित्य राणा पुलिस कस्टडी से 23 अगस्त 2022 को पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। 12 अप्रैल 2023 को स्योहारा क्षेत्र में एसओजी और पुलिस में मार गिराया था।
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आठ को उम्रकैद की सजा
एक आरोपित राहुल की भी सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी। वहीं तीन आरोपितों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। मंगलवार की दोपहर 2.30 बजे न्यायधीश लोकेश नागर ने सभी आठ आरोपितों को उम्रकैद की सजा सुनाई। इस दौरान कचहरी में भारी फोर्स मौजूद रही।