नगीना विधानसभा क्षेत्र: रोडवेज डिपो निर्माण सहित नहीं हुए कई काम, विधायक बोले- विकास कराने में नहीं छोड़ी कोई कसर
Uttar Pradesh MLA Report Card: नगीना विधायक मनोज कुमार पारस ने क्षेत्र में विकास कार्य कराने का दावा किया है। हालांकि कई समस्याओं का समाधान नहीं हुआ ह ...और पढ़ें

नगीना विधानसभा क्षेत्र
HighLights
विधायक ने विकास के दावे किए, विपक्ष ने नकारा।
नगीना में आज तक रोडवेज का डिपो नहीं बन सका।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में नगीना विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी मनोज कुमार पारस को विकास की उम्मीद से जनता ने तीसरी बार विधायक चुना। जहां एक ओर मनोज पारस ने अन्य विकास कार्यों के साथ-साथ ज्यादातर अपनी निधि सड़क बनवाने में प्रयोग की, वहीं कुछ कार्य वर्षों से अधूरे रहने के चलते वह जनता की नजरों में खरे नहीं उतरे।
मौजूदा कार्यकाल के सवा चार साल बाद भी बाढ़, सुरक्षा, सड़क, खेल और शिक्षा से जुड़े बुनियादी मुद्दों पर जनता को अपेक्षित प्रगति नजर नहीं आ रही है। सबसे बड़ा मुद्दा युवाओं से जुड़ा है। मिनी स्टेडियम की मांग केवल एक खेल परिसर की नहीं, बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं के लिए अवसर और पहचान की मांग थी।
इसी तरह राजकीय इंटर कालेज एवं डिग्री कालेज की मांगें भी युवाओं से जुड़ी हैं। वे भी पूरी नहीं हो सकीं। दूसरा बड़ा मुद्दा रोडवेज डिपो से जुड़ा है। नगरवासियों की मांग के बाद भी नगीना में आज तक रोडवेज का डिपो नहीं बन सका, जबकि नगीना को छोड़कर सभी तहसीलों में रोडवेज के डिपो हैं।
इसी प्रकार नगीना नगर में बना मात्र एक पशु चिकित्सालय भी बदहाल है। इसका आज तक नव निर्माण या जीर्णोद्धार नहीं कराया गया। सड़कें किसी भी क्षेत्र के विकास का बुनियादी पैमाना होती हैं। किरतपुर कस्बे को नगीना से जोड़ने वाला नगीना-अकबराबाद मार्ग व नगीना से हरेवली को जाने वाला मार्ग भी ग्राम बूढ़ावाला से आगे खो नदी के पुल से पहले तक क्षतिग्रस्त है।
खबरें और भी
आम जन की मांग के बाद भी आज तक इन दोनों मार्गों का न तो चौड़ीकरण और न ही निर्माण कराया गया। विधानसभा क्षेत्र के कस्बा किरतपुर की बात करें तो यहां जरा सी बरसात होने पर 33 हजार केवीए की लाइन में वृक्ष की टहनी टकराने से विद्युत सप्लाई ठप होने की समस्या के समाधान के लिए किरतपुर बिजलीघर को स्वाहेड़ी बिजलीघर से आज तक नहीं जोड़ा गया।
किरतपुर में जैन चौराहा, सरकारी अस्पताल आदि कई स्थानों पर होने वाले जलभराव की समस्या का समाधान भी आज तक नहीं हो पाया है। किरतपुर में रोडवेज बस स्टैंड बनवाने की मांग भी अब तक पूरी नहीं की गई।
गांव असगरपुर, बुडगारी आदि गांवों को मालन नदी के बाढ़ से बचाने के लिए बने बांध दो वर्ष पूर्व काफी दूर तक मिट्टी बह गई थी। इस बांध की मरम्मत कराने की ग्रामीणों की मांग को पूरा नहीं किया गया। इस कारण हर साल बरसात के दिनों में किसानों की सैकड़ों बीघा फसल नष्ट हो रही है।
क्षेत्र में विकास कराने में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी: विधायक
विधायक मनोज पारस का कहना है कि क्षेत्र में विकास कराने में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी। ज्यादातर सड़कों का निर्माण कराया। दशकों से बदहाल पड़े नगीना रोडवेज स्टैंड का निर्माण कराया। नगीना में रामलीला मंदिर में तीन करोड़ रुपये से होने वाले सुंदरीकरण की स्वीकृति दिलाई। इसमें से 1.5 करोड़ रुपये के बजट का कार्य रामलीला मंदिर परिसर में कराया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि किरतपुर में 50 लाख रुपये का बजट स्वीकृत कराकर मजार का निर्माण भी कराया। नगीना व किरतपुर में एक-एक 10 एमबी के विद्युत ट्रांसफार्मर लगवाए, साथ ही हीरावाली मार्ग पर पुल व फोरलेन हाईवे से नहटौर रोड पर एप्रोच स्वीकृत कराई। करीब 22 करोड़ रुपये की विधायक निधि मिल चुकी है, जिसका उपयोग क्षेत्र के विकास में किया है।
क्षेत्र में विकास के नाम पर कुछ दिखाई नहीं देता: भाजपा प्रत्याशी
विधानसभा चुनाव में दूसरे स्थान पर रहने वाले भाजपा प्रत्याशी डा. यशवंत सिंह ने मात्र इतना कहा कि विधायक मनोज पारस ने नगीना विधानसभा में अपनी पूरी निधि लगा दी, लेकिन विकास के नाम पर कुछ दिखाई नहीं देता। ग्रामीण क्षेत्र की अधिकांश सड़कें टूटी हैं।
उनकी मरम्मत तक विधायक नहीं करा सके। मांग के बाद भी कस्बा किरतपुर में जरा सी बरसात होने पर 33 हजार केवीए की लाइन में विद्युत सप्लाई ठप होने की समस्या की समाधान का भी विधायक नहीं करा पाए।
जनता कहिन
आज तक क्षेत्र में मिनी स्टेडियम की मांग पूरी नहीं की गई। युवा प्रतिभाओं को तैयारी के लिए दूर-दराज के खेल मैदान या एकेडमी जाना पड़ता है। विधायक मनोज पारस ने भी युवाओं को यह मांग पूरी नहीं कराई।
-सरदार जगमीत सिंह, हाॅकी खिलाड़ी।
नगीना विधानसभा क्षेत्र व लोकसभा क्षेत्र का मुख्यालय होने के बावजूद जनप्रतिनिधि यहां आज तक रोडवेज डिपो नहीं बनवा सके। साथ ही जनता की मांग के बावजूद न तो युवाओं के लिए राजकीय कन्या इंटर कालेज बना और न ही पशु चिकित्सालय का जीर्णोद्धार हुआ।
-अनिल कुमार राणा, एडवोकेट।
किरतपुर के ग्राम असगरपुर के किसानों की मालन नदी के तेज बहाव से प्रति वर्ष किसानों की सैकड़ों बीघा खड़ी फसल बर्बाद हो रही है। इसे रोकने के लिए गांव असगरपुर बुडगारी के सामने नदी पर बने बंदा की मरम्मत को कार्य होना था, जो आज तक नहीं हो सका।
-श्याम लाल किसान, किरतपुर।
किरतपुर नगर पालिका क्षेत्र में रोडवेज का बस अड्डा नहीं है। हजारों यात्री सड़क पर खड़े होकर बस का इंतजार करते हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को अधिक परेशानी होती है। रोडवेज बसें हाईवे से गुजर जाती हैं। बस स्टैंड बनवाने की मांग पूरी नहीं हुई।
-तलहा मकरानी एडवोकेट, किरतपुर।