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    खाली था बूढ़ी बाघिन का पेट, खाने को मुर्गा दिया तो नहीं खाया...और तोड़ दिया दम

    By Ajeet Chaudhary Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Sun, 02 Aug 2026 06:52 PM (IST)

    अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में मिली एक बूढ़ी और कमजोर बाघिन की कानपुर चिड़ियाघर ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। पोस्टमार्टम में उसका पेट खाली पाया गया, जि ...और पढ़ें

    रेहड़ के अमानगढ़ टाइगर रिजर्व से रेस्क्यू की गई बाघिन। सौ. वन विभाग

    रेहड़ के अमानगढ़ टाइगर रिजर्व से रेस्क्यू की गई बाघिन। सौ. वन विभाग

    HighLights

    1. अमानगढ़ में मिली बूढ़ी बाघिन की कानपुर ले जाते समय मौत।

    2. पोस्टमार्टम में पेट खाली मिला, वृद्धावस्था बनी मौत की वजह।

    3. कमजोर बाघिन शिकार नहीं कर पाई, प्राकृतिक मृत्यु हुई।

    जागरण संवाददाता, बिजनौर। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में गुर्जर गेट के पास एक बाघिन मिली थी। वह बहुत कमजोर थी और उसका वजन एक कुंतल से भी कम था। कानपुर चिड़ियाघर ले जाते समय बाघिन ने रास्ते में दम तोड़ दिया था। बाघिन के शव का कानपुर में ही पोस्टमार्टम कराया गया। उसकी आयु लगभग 15 वर्ष थी। उसका पेट खाली था। बूढ़ी होने के कारण उसने कई दिन से शिकार नहीं किया था। वन विभाग के कर्मचारियों ने उसे खाने के लिए मुर्गा दिया था, लेकिन उसने खाया नहीं था। पोस्टमार्टम के बाद कानपुर में ही बाघिन के शव को जलाकर नष्ट कर दिया गया।

    शनिवार को वन विभाग की टीम को अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में गुर्जर गेट के पास से एक बाघिन मिली थी। बाघिन बहुत कमजोर हालत में थी और खड़ी भी नहीं हो पा रही थी। आमतौर पर बाघों का वजन डेढ़ से ढाई कुंतल तक हो जाता है, लेकिन बाघिन का वजन एक कुंतल से भी कम था। टीम ने बिना ट्रैंकुलाइज किए ही बाघिन को पिंजरे में रख लिया था। उसे खाने के लिए मुर्गा दिया, लेकिन उसने नहीं खाया जबकि पानी पीया था। बाघिन को कानपुर चिड़ियाघर भेजा गया लेकिन उसने चिड़ियाघर से 40 किलोमीटर पहले ही दम तोड़ दिया था।

    बाघिन के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। उसका पेट पूरी तरह से खाली था। उसकी आयु लगभग 15 वर्ष थी। वन में 15 वर्ष की आयु बाघिन के लिए बहुत अच्छी मानी जाती है। बाघिन बहुत अधिक बूढ़ी होने के कारण काफी समय से शिकार नहीं कर पाई होगी। उसके शरीर पर संघर्ष आदि का कोई निशान नहीं मिला है। डीएफओ जय सिंह कुशवाहा ने बताया कि बाघिन की मौत एकदम प्राकृतिक हुई है। वह बहुत बूढ़ी थी और शिकार नहीं कर पा रही थी।