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    बिजनौर: चांदपुर से मेरठ की यात्रा हुई मुश्किल, एक मार्ग पर बस सेवा गंगा में उफान और दूसरे पर कांवड़ यात्रा के चलते बंद

    By Pawan SharmaEdited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Fri, 31 Jul 2026 12:18 PM (IST)

    Bijnor News: गंगा में उफान और कांवड़ यात्रा के कारण चांदपुर से मेरठ जाने वाले यात्रियों को परेशानी हो रही है। हस्तिनापुर और गजरौला मार्ग बंद कर दिए गए ...और पढ़ें

    चांदपुर तहसील के खादर क्षेत्र के गांव सीकरी में खेतों व मार्ग पर भरा पानी। जागरण

    चांदपुर तहसील के खादर क्षेत्र के गांव सीकरी में खेतों व मार्ग पर भरा पानी। जागरण

    HighLights

    1. गंगा में उफान से हस्तिनापुर मार्ग बंद हुआ।

    2. कांवड़ यात्रा के कारण गजरौला मार्ग भी बंद।

    संवाद सहयोगी, चांदपुर (बिजनौर)।  चांदपुर से मेरठ जाने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। गंगा नदी में आए उफान के चलते हस्तिनापुर मार्ग पर पानी बहने से यह मार्ग बंद कर दिया गया है । वहीं कांवड़ यात्रा के चलते गजरौला मार्ग पर बसों का संचालन बंद कर दिया गया है । दोनों मार्गों पर बसों का संचालन बंद होने से यात्रियों का मेरठ पहुंचना मुश्किल हो गया है ।

    कस्बे से मेरठ जाने के लिए हस्तिनापुर होते हुए तीन बसों का संचालन किया जाता है। वही गजरौला होते हुए भी बसों का संचालन होता है। हस्तिनापुर मार्ग से मेरठ की दूरी काम हो जाने से क्षेत्र के लोग इस मार्ग से यात्रा करना पसंद कर रहे थे। लेकिन गंगा नदी में आए उफान से हस्तिनापुर मार्ग पर पानी बहने बहने के चलत मार्ग बंद है। 

    वहीं कावड़ियों के चलते गुरुवार से गजरौला मार्ग पर भी बसों का संचालन बंद कर दिया गया है। हालांकि गजरौला मार्ग पर अभी गिनती के ही कांवड़िये गुजर रहे है । दोनों मार्ग बंद हो जाने से क्षेत्र के लोगों के पास बिजनौर होते मेरठ जाने का विकल्प बचा है।

    दो घंटे की बरसात में शहर में हुआ जलभराव

    बिजनौर: बुधवार को गुरु पूर्णिमा पर भी बादलों ने पानी बरसाया था। गुरुवार सावन का पहला दिन था। सावन के पहले दिन बरसात होने की मान्यता रहती है और बादलों ने पानी बरसाने में कोई कसर छोड़ी भी नहीं। गुरुवार को सुबह से ही बादल छाए हुए थे। लगभग साढ़े 12 बजे घने काले बादल छाए गए और एक बजे से पहले ही एकदम से मूसलधार बरसात शुरू हो गई।

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    इतनी तेज बरसात हुई कि पांच मिनट के अंदर ही सड़कों पर पानी भरना शुरू हो गया और दस मिनट के अंदर ही मुख्य सड़कों से लेकर कालोनी की गलियों तक में आधा से एक फीट तक पानी भर गया था। बरसात के साथ ही तेज हवा भी चलनी शुरू हो गई। आधा घंटे तेज बरसात के बाद एक दो मिनट के लिए बादलों ने ब्रेक लिया और इसके बाद फिर से घनघोर बरसात शुरू हो गई।

    बरसात से सिविल लाइंस, काजीपाड़ा, जाटान, नई बस्ती, गीता नगरी, साकेत कालोनी, रामलीला मैदान कालोनी, चाहशीरी आदि की सड़कें पानी से जलमग्न हो गईं। आवास विकास में तो इतना पानी भर गया कि मकानों तक में जा घुसा। बरसात लगभग दो बजे तक खत्म हुई लेकिन इतना पानी बरस गया था कि नाली-नाले उसे बाद तक संभाल नहीं पाए।