विदुर की धरती को किया प्रणाम; बिजनौर जनपद की सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली इतिहास पर की चर्चा
योगी आदित्यनाथ ने बिजनौर को विदुर की धरती बताते हुए यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली इतिहास की सराहना की। उन्होंने आचार्य पंडित पद्मसिंह श ...और पढ़ें

बिजनौर के वर्धमान कालेज में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भगवान शिव की मूर्ति भेंट करतीं सदर विधायक सुचि चौधरी व भाजपा नेता एश्वर्य मौसम चौधरी। जागरण
HighLights
योगी ने बिजनौर को विदुर की धरती कहकर प्रणाम किया।
समृद्ध सांस्कृतिक विरासत व गौरवशाली इतिहास पर चर्चा।
विभूतियों जैसे दुष्यंत कुमार, डॉ. कश्यप का जिक्र किया।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। जय श्रीराम और ॐ नमः पार्वती पतये, हर हर महादेव के उद्घोष के साथ अपने संबोधन का शुभारंभ करने के साथ योगी विदुर की धरती को प्रणाम करना नहीं भूले। उन्होंने संबोधन शुरू करने के साथ ही जनपद की सांस्कृतिक विरासत और गौरव को लेकर विचार रखे। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़कर जनपद का नाम रोशन कर इतिहास में अमर हुई विभूतियों का जिक्र भी खूब किया। उन्होंने हिंदी साहित्यकार आचार्य पंडित पद्मसिंह शर्मा से लेकर संवैधानिक विशेषज्ञ डा. सुभाष सी कश्यप को याद किया।
जनपद के सांस्कृतिक गौरव का जिक्र करते हुए योगी ने कहा कि यह वही धरती है जहां पांच हजार साल पहले भगवान श्रीकृष्ण विदुर से मिलने आए थे। ये वही धरती है जहां हिंदी साहित्यकार और द्विवेदी युग के प्रमुख गद्यकार, संपादक और आलोचक आचार्य पंडित पद्मसिंह शर्मा का जन्म हुआ। ऐसे ही प्रसिद्ध साहित्यकार और पत्रकार संपादकाचार्य पंडित रुद्रदत्त शर्मा ने भी सांस्कृतिक और वैचारिक संपदा को समृद्ध किया। बिजनौर के ही निवासी वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डा. आत्माराम को भी योगी ने मंच से याद किया।
उन्होंने हिंदी गजल का जनक माने जाने वाले दुष्यंत कुमार को याद करते हुए कहा कि आज भी कई लोग दुष्यंत कुमार की गजल के साथ ही अपने संबोधन शुरू करते हैं। कांग्रेस पार्टी में राजनीति करने वाले और केंद्रीय राजस्व मंत्री रहे महावीर त्यागी का भी उन्होंने जिक्र किया। चांदपुर में जन्में प्रतिष्ठित संवैधानिक विशेषज्ञ और राजनीति वैज्ञानिक डा. सुभाष सी. कश्यप और अकबर के दरबार के प्रसिद्ध नवरत्न में से एक अबुल फजल और उनके बड़े भाई फैजी का नाम भी योगी ने अपने संबोधन में लिया।