16 राज्यों से साइबर ठगी की रकम पहुंची बुलंदशहर के बैंक में, नेशनल साइबर क्राइम टीम खंगाल रही कुंडली
बुलंदशहर के एक बैंक खाते में 16 राज्यों से साइबर ठगी के लगभग 3.5 लाख रुपये ट्रांसफर हुए हैं, जिसकी पुलिस जांच कर रही है। इसके अलावा, पुलिस ने विभिन्न ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
16 राज्यों से साइबर ठगी का पैसा बुलंदशहर पहुंचाया गया।
आईडीएफसी बैंक खाते में 3.5 लाख रुपये ट्रांसफर हुए।
चार साइबर ठग आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल-सिम बरामद।
जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। साइबर पुलिस अपराध रोकने में विफल है। एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से पुलिस को पता चला कि 16 राज्यों से साइबर ठगी के करीब 3.5 लाख रुपये बुलंदशहर स्थित एक बैंक के खाते में ट्रांसफर हुई है। इसके बाद साइबर सेल में तैनात उपनिरीक्षक ने कोतवाली नगर पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच करना बता रही है।
उपनिरीक्षक हर्षित गर्ग ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया है कि सरकार के नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) और समंवय (जेएमआइएस) पोर्टल से जानकारी मिली कि 16 राज्यों से साइबर ठगी की रकम बुलंदशहर स्थित एक बैंक के खाते में ट्रांसफर हुई है। इसके बाद जांच में सामने आया कि साइबर ठगों ने आइडीएफसी बैंक के खाते को इस्तेमाल किया है। बैंक खाता राकेश ट्रेडर्स के नाम से संचालित है, खाताधारक मानिक अग्रवाल निवासी मुहल्ला ब्राह्मणपुरी है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस खाते के खिलाफ दिल्ली, तमिलनाडु, केरल, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तराखंड समेत विभिन्न राज्यों से कुल 16 शिकायतें दर्ज हैं। शिकायतकर्ताओं ने आनलाइन निवेश, ट्रेडिंग और अन्य तरीकों से वित्तीय धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। बैंक स्टेटमेंट और तकनीकी जांच में खाते में कम समय में संदिग्ध रूप से बड़ी मात्रा में धनराशि के लेनदेन होना सामने आया है।
कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि मामले की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ठगी के चार आरोपित गिरफ्तार
बुलंदशहर : जिले की अलग-अलग तीन थाना पुलिस ने साइबर अपराध के जरिए ठगी करने के चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। एनसीआरपी और समंवय पोर्टल के माध्यम से पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी की है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से घटनाओं में प्रयुक्त मोबाइल एवं सिम कार्ड बरामद किए हैं।
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पुलिस अधीक्षक अपराध नरेश कुमार ने बताया कि कोतवाली खुर्जा नगर, कोतवाली स्याना और कोतवाली गुलावठी पुलिस ने भारत सरकार के नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) और समंवय (जेएमआइएस) पोर्टल से जानकारी मिली कि विभिन्न राज्यों से साइबर क्राइम के जरिए धोखाधड़ी कर साइबर ठगी करने के आरोपित थाना क्षेत्रों में रहते हैं। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कि आरोपित लोन फ्राड, फर्जी मोबाइल एप्लीकेशन फ्राड, बैंक निवेश फ्राड एवं अन्य तरीकों से धोखाधड़ी कर साइबर ठगी करना सामने आया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इसके बाद संबंधित थाना पुलिस के आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर खुर्जा नगर पुलिस ने दीपांशु सोलंकी पुत्र चंद्रपाल सोलंकी व वीरेश कुमार पुत्र महेंद्र कुमार निवासी गांव उस्मानपुर थाना कोतवाली खुर्जा नगर, कोतवाली गुलावठी पुलिस ने फुरकान पुत्र फारूख निवासी गांव चिड़ावक थाना गुलावठी और कोतवाली स्याना पुलिस ने चिराग पुत्र स्वर्गीय मुनेश निवासी गांव नगला उग्रसेन कुचेसर थाना बीबीनगर को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से घटनाओं में प्रयुक्त मोबाइल और सिम कार्ड बरामद किए है। पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपितों ने धोखाधड़ी करने का अपराध स्वीकार किया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि चारों आरोपितों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
साइबर अपराध में एक गिरफ्तार, फोन व सिमकार्ड बरामद
गुलावठी में पुलिस ने साइबर अपराध के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उसके पास से एक मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद हुआ है। कोतवाल धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि एनसीआरपी के प्रतिबिंब पोर्टल पर उपलब्ध विवरण के आधार पर आरोपित के बैंक खाते के खिलाफ शिकायत मिली। जांच में पता चला कि आरोपित फुरकान पुत्र फारूख, निवासी गांव चिड़ावक, अपने खाते में फ्राड की गई धनराशि मंगवा रहा था।