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    'बस मेरी चारू ला दो...' बेटी का स्कूल बैग लिए दरवाजे पर बैठी मां, नाले में डूबी छात्रा का 3 दिन बाद भी सुराग नहीं

    Updated: Fri, 31 Jul 2026 12:25 AM (IST)

    बुलंदशहर में नाले में डूबी कक्षा चार की छात्रा चारू तीन दिन बाद भी लापता है, जिससे परिवार सदमे में है। ...और पढ़ें

    मुहल्ला साठा में बच्ची चारू के बैग को लेकर बैठे स्वजन

    मुहल्ला साठा में बच्ची चारू के बैग को लेकर बैठे स्वजन

    HighLights

    1. नाले में डूबी चारू तीन दिन से लापता।

    2. मां ज्ञानवती बेटी के इंतजार में व्याकुल।

    3. पिता ने नगर पालिका पर कार्रवाई की मांग की।

    जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। नाले में डूबी कक्षा चार की छात्रा चारू का तीन दिन भी पता नहीं लगा है। चारू के इंतजार में मां ज्ञानवती दरवाजे पर ही टकटकी लगाए बैठी है। मां की आंखों से आंसू नहीं रूक रहे। वह सिर्फ एक ही रट लगाए है कि मुझे बेटी चाहिए, उसके बिना पूरा घर खाली है।

    पिता रिंकू, दादी ममता व भाई गगन का भी रो-रोकर बुरा हाल है। पिता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नगर पालिका के अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

    गुरुवार की दोपहर को मोहल्ला साठा स्थित वैद्य वाली गली में स्थित रिंकू के मकान में मां ज्ञानवती अन्य स्वजन के साथ आंगन में बैठी थी और उसकी नजर दरवाजे पर थी। मां की आंखों से आंसू की धारा बह रही थी और वह एक बात बार-बार दोहरा रही थी मुझे बेटी चाूरू चाहिए। उसके बिना पूरा घर खाली है।

    बेटी के स्कूल का बैग को गोद में लेकर मां बोली कि अप्रैल 2026 में सुशीला इंटरनेशनल स्कूल में चारू का दाखिला कराया था। इससे पहले चारू एमबी पब्लिक स्कूल में पढ़ रही थी। पुराना स्कूल ठीक था, वहां कभी भी बरसात होने पर बच्चों को अकेले नहीं भेजा जाता था। इस स्कूल के शिक्षकों व नगर पालिका की लापरवाही के कारण बेटी खुले नाले में डूब गई। दादी ममता की आंखों से भी आंसू थम नहीं रहे हैं।

    भाई के सामने डूबी थी चारू

    भाई गगन ने बताया कि उसे मां ने चारू को लेने के लिए स्कूल भेजा था। उसने चारू को सड़क के दूसरी ओर खड़े देखा, तो उसने चारू को आवाज लगाई, लेकिन उसने नहीं सुना। उसने जब दोबारा जोर से आवाज लगाई, इसी दौरान चारू नाले में डूब गई।

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    वह भागा और नाले के काफी आगे स्लैब पर लेट गया और अपना हाथ नाले के नीचे कर दिया, लेकिन चारू का कुछ पता नहीं लगा। उसका आरोप है कि घटना की सूचना देने के आधा घंटे बाद पुलिस व एक घंटे बाद नगर पालिका की टीम आई। यदि समय रहते बचाव कार्य शुरू किया जाता, तो चारू उन्हें मिल जाती।

    पिता रिंकू भी कभी काली नदी पर रेस्क्यू अभियान को देखने जा रहा है, तो कभी नाले में दोबारा चारू को तलाशने के अभियान को देखने जा रहा है। पिता की आंखें भी नम हैं। पिता ने कहा कि जैसे स्कूल प्रबंधक, प्रधानाचार्य व स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

    ऐसे ही नगर पालिका के अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए। पिता ने मुख्यमंत्री से की नगर पालिका के अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

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