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    टैटू बनवाने से HIV पाॅजिटिव हो गया युवक, बुलंदशहर में दो साल में सामने आ चुके हैं ऐसे 11 केस

    By Jagmohan Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Sat, 04 Jul 2026 07:21 PM (GMT+05:30)

    बुलंदशहर में एक 22 वर्षीय युवक असुरक्षित तरीके से टैटू बनवाने के कारण एचआईवी पॉजिटिव हो गया, जिसका इलाज एआरटी सेंटर में शुरू हो गया है। ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक फोटो

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    HighLights

    1. आकर्षक दिखने के लिए दोनों हाथों पर बनवाए टैटू।

    2. एआरटी सेंटर पर जांच रिपोर्ट आई एचआइवी पाॅजिटिव।

    जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। आकर्षक दिखने के लिए हाथ पर बनाए गए टैटू ने 22 वर्षीय युवक को बीमारी दे दी। इसका पता तब चला जब युवक की कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कालेज में एचआइवी की जांच कराई और रिपोर्ट पाॅजिटिव आई। युवक का एआरटी सेंटर से इलाज शुरू कर दिया गया है। पिछले दो साल में जिले में टैटू बनवाने के कारण 11 लोग एचआइवी पाॅजिटिव हुए हैं।

    डिबाई क्षेत्र के एक गांव निवासी 22 वर्षीय युवक टैक्सी चालक है। पिछले साल युवक ने आकर्षक दिखने के लिए डिबाई कस्बे में ही अपने दोनों हाथों पर टैटू बनवाए। पिछले लगभग छह माह में वह जल्दी-जल्दी बीमार होने लगा और वजन कम होना शुरू हुआ, तो चिकित्सकों को दिखाया। कई चिकित्सकों को दिखाने के बाद वह दो दिन पहले डिबाई सीएचसी पर पहुंचा।

    वहां चिकित्सकों ने परीक्षण किया और लक्षण देखकर एचआइवी होने की संभावना जताई। इसके बाद उसे कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। यहां टैक्सी चालक पहले इमरजेंसी में पहुंचा और फिर उसे एआरटी (एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी केंद्र) भेजा गया। यहां ब्लड सैंपल से जांच की गई तो रिपोर्ट एचआइवी पाॅजिटिव आई।

    सीएमएस डा. प्रदीप राणा ने बताया कि युवक डिबाई से आया था। टैटू बनवाने के चलते एचआइवी पाॅजिटिव हो गया। सेंटर से दवा शुरू कर दी गई है। जिला सर्विलांस अधिकारी डा. रमित सिंह का कहना है कि असुरक्षित तरीके से टैटू बनवाने से व्यक्ति एचआइवी पाॅजिटिव हो जाता है। ऐसा अक्सर सड़क किनारे बैठे लोगों से टैटू बनाने वाले (फेरीवालों) से टैटू बनवाने के कारण होता है।

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    इसका बड़ा कारण यह है कि अक्सर सड़क किनारे वाले टैटू आर्टिस्ट एक ही सुई का इस्तेमाल एक से अधिक लोगों पर करते हैं। पहले किसी संक्रमित व्यक्ति के खून के अंश सुई पर रह जाते हैं। वही सुई जब दूसरे व्यक्ति की त्वचा में चुभाई जाती है, तो वायरस सीधे उसके खून में प्रवेश सस्ते में टैटू बनाने वाले या सड़क किनारे टैटू बनाने वाले अक्सर उपकरणों को सही तरीके से स्टेरलाइज (कीटाणुरहित) नहीं करते हैं।

    ये बरतें सावधानी

    डाक्टरों के अनुसार शरीर के किसी भी अंग पर टैटू ना बनवाएं। यदि  टैटू बनवाएं भी तो अच्छी जगह अच्छे आर्टिस्ट से ही बनवाएं, टैटू बनवाते समय नई सूई लगवाने का ध्यान रखें। जो लोग टैटू बनवा चुके हैं, वह हटवान चाहते हैं तो लेजर थैरेपी से हटवा सकते हैं, टैटू बनवा चुके लोग एचआइवी समेत अन्य संक्रमण की जांच भी करवा सकते हैं।