थाने में मां-बेटी से आरोपियों को थप्पड़ लगवाए...और हो गया समझौता, बुलंदशहर में सामने आया अनोखा मामला
बुलंदशहर के ऊंचागांव में क्रिकेट विवाद के बाद मां-बेटी से मारपीट हुई। थाने में हुई पंचायत में पीड़िता मां-बेटी ने चार आरोपितों को थप्पड़ मारे, जिसके ब ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
क्रिकेट विवाद में मां-बेटी से मारपीट, फिर थाने में पंचायत।
पंचायत में मां-बेटी ने चार आरोपितों को थप्पड़ मारे।
थप्पड़ मारने के बाद दोनों समुदायों के बीच हुआ समझौता।
संवाद सूत्र, बुलंदशहर। ऊंचागांव क्षेत्र के एक गांव में क्रिकेट खेलने के दौरान दो समुदाय के बीच हुए विवाद को लेकर मां व बेटी के साथ मारपीट के मामले में थाने में पंचायत हुई। इसमें मां व बेटी से मुस्लिम समुदाय के चार आरोपितों को थप्पड़ लगवाए गए। इसके बाद दोनों समुदायों के बीच समझौता हो गया।
हालांकि पुलिस का कहना है कि दोनों पक्ष के बीच बातचीत थाने परिसर में हुई थी। इसमें कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। दोनों पक्षों ने समझौता लिखकर दिया। इसके बाद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
थाना क्षेत्र के गांव भोलिया निवासी पीड़िता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह शुक्रवार की दोपहर को अपने खेत पर घास काट रही थी और उसकी बेटी भी साथ थी। इस दौरान गांव के ही मुस्लिम समुदाय के कुछ युवक पास में ही क्रिकेट खेल रहे थे। क्रिकेट खेलने के दौरान आरोपित द्वारा फेंकी गई बाल उसकी बेटी को लगी।
पीड़िता द्वारा विरोध किया गया तो मुस्लिम समुदाय के चार आरोपितों ने क्रिकेट के विकेट उखाड़ कर मां व बेटी पर हमला कर मारपीट कर दी। मौके पर पहुंचे पीड़िता के बेटे के साथ भी आरोपितों ने मारपीट की घटना को अंजाम दे दिया। आरोप है कि पीड़िता शाम को तहरीर लेकर थाने पहुंची, लेकिन पुलिस ने न तो मुकदमा दर्ज किया और नहीं उनका मेडिकल कराया।
वहीं गांव के रसूखदार लोगों द्वारा पीड़ित पक्ष पर फैसले का दबाव बनाया, जिसके चलते उन्होंने अपना फोन भी स्विच ऑफ कर लिया। पीड़िता शनिवार को फिर से थाने पहुंची और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाने लगी। इस दौरान थाने में एसडीएम लालजी विश्वकर्मा और सीओ रामकरन भी मौजूद थे और वह डीजे संचालकों के साथ बैठक ले रहे थे।
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हालांकि एसडीएम व सीओ को पंचायत की जानकारी नहीं थी। थाने परिसार में ही करीब दो घंटे तक दोनों समुदाय के बीच चली पंचायत में समझौता का दबाव बनाया गया और पीड़िता को फैसले के लिए राजी किया गया। फैसले में पीड़िता और उसकी बेटी से चारों आरोपितों को थप्पड़ लगवाए गए। इसके बाद दोनों समुदाय के बीच में आपसी समझौता हुआ।
मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस संबंध में प्रभारी रामकिशोर गौतम ने बताया कि थाने परिसर में ही दोनों पक्ष आपस में बातचीत कर रहे थे। दोनों पक्षों के बीच थप्पड़ लगवाने के बाद समझौता होने की जानकारी नहीं है। दोनों पक्षों में आपसी सहमति से समझौतानामा लिखकर दिया गया।