बुलंदशहर के अस्पताल में 38 करोड़ से बनेगी क्रिटिकल केयर यूनिट, मरीजों को नहीं लगानी होगी दिल्ली-नोएडा की दौड़
Bulandshahr News : बुलंदशहर के खुर्जा के सूरजमल जटिया अस्पताल में 38 करोड़ रुपये की लागत से 100 बेड की अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) का निर् ...और पढ़ें

HighLights
मरीजों को मिलेगी आधुनिक आपातकालीन चिकित्सा सुविधा।
विधायक मीनाक्षी सिंह ने की थी मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से मांग।
संवाद सहयोगी, खुर्जा (बुलंदशहर)। नगर के सूरजमल जटिया अस्पताल परिसर में 38 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) का निर्माण होगा। पिछले कई वर्षों से सीसीयू की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
विधायक मीनाक्षी सिंह ने सीसीयू निर्माण के लिए मांग उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के सामने भी बात रखी। इसके बाद स्वास्थ्य क्षेत्र में ये बड़ी सौगात मिली है।
विधायक मीनाक्षी सिंह ने बताया कि 100 बेड वाली इस हाईटेक यूनिट के निर्माण से क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। अभी तक खुर्जा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को वेंटिलेटर, आइसीयू और आपातकालीन चिकित्सा के लिए दिल्ली, नोएडा, मेरठ और गाजियाबाद का रुख करना पड़ता है।
इसमें ना सिर्फ समय बर्बाद होता था, बल्कि तीमारदारों पर भारी आर्थिक बोझ भी पड़ता था। इसको ध्यान में रखते हुए इस समस्या को विधानसभा में प्रमुखता से उठाने के साथ-साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के समक्ष लगातार पैरवी की थी।
जिससे इस यूनिट के बनने से क्षेत्र के लोगों को बेहतर उपचार मिल सके। इसको लेकर उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सुनील कुमार दोहरे के साथ बैठक की। विधायक ने बताया कि बैठक में सीएमओ ने पुष्टि करते हुए जानकारी दी। शासन स्तर से सभी तकनीकी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
जटिया अस्पताल परिसर में जल्द ही भूमि पूजन के साथ निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था को भी नामित कर दिया गया है। शीघ्र ही धरातल पर कार्य शुरू हो जाएगा। सीएमओ ने बताया कि यहां आइसीयू सुविधाएं मिलेगी।
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प्रत्येक बेड पर लाइफ सपोर्ट, वेंटिलेटर और 24 घंटे आक्सीजन सप्लाई उपलब्ध रहेगी। चौबीसों घंटे मल्टी-पैरा मानिटरिंग सिस्टम और अत्याधुनिक आपरेशन थिएटर की सुविधा होती है। गंभीर दुर्घटना, हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक जैसी आपात स्थितियों में मरीजों को तत्काल उपचार देकर जीवन बचाना आसान होगा।
दिल, फेफड़े और गंभीर संक्रमण के मरीजों के लिए। बड़ी सर्जरी के बाद गंभीर निगरानी वाले मरीजों के लिए और गंभीर हादसों या आग से जले हुए मरीजों के लिए उपचार मिलेगा.