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    गर्मी का कहर! कुत्तों को डायरिया, बिल्लियों को वायरल फीवर; एलर्जी व खुजली की भी समस्या गहरा रही

    By Jagmohan Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Wed, 27 May 2026 05:40 PM (IST)

    भीषण गर्मी का असर इंसानों के साथ पालतू जानवरों पर भी दिख रहा है, जहां बुलंदशहर में कुत्तों को डायरिया और बिल्लियों को वायरल फीवर हो रहा है। पशु चिकित् ...और पढ़ें

    (प्रतीकात्मक फोटो)

    (प्रतीकात्मक फोटो)

    HighLights

    1. कुत्तों को डायरिया, हीटस्ट्रोक और एलर्जी की समस्या।

    2. बिल्लियों में वायरल फीवर और सुस्ती के मामले बढ़े।

    3. पशु चिकित्सक ठंडे स्थान और पर्याप्त पानी की सलाह।

    जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। अर्से से पड़ रही भीषण गर्मी का असर इंसानों पर ही नहीं, बल्कि पालतू कुत्ते और बिल्लियों पर भी देखने को मिल रहा है। लू के कारण कुत्तों को डायरिया और बिल्लियों को वायरल फीवर आ रहा है। सरकारी और निजी पशु चिकित्सकों के पास लोग पालतू कुत्ते और बिल्लियों को इलाज के लिए लेकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सक दवा के साथ ठंडे स्थान पर रखने और पर्याप्त सादा पानी पिलाने की सलाह दे रहे हैं।

    मैक्स अपोलो पैट क्लीनिक के पशु चिकित्सक डा. मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि कुत्तों को इंसानों की तरह पसीना नहीं आता, जिस कारण उनके शरीर का तापमान जल्दी बढ़ जाता है। अधिक गर्मी के कारण कुत्तों को हीटस्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, या टिक (पिस्सू) के काटने से तेज बुखार, डायरिया और त्वचा में एलर्जी की समस्या जाती है। तापमान बढ़ने के कारण कुत्ता अत्याधिक हांफना, सुस्ती आना और मसूड़े लाल होने की समस्या होती है। पालतू के साथ ही आवारा कुत्ते भी डायरिया और डिहाइड्रेशन के शिकार हो रहे हैं।

    कुत्तों को बचाने के लिए तापमान ठंडे वातावरण में रखें, पर्याप्त सादा पानी और ओरआरएस दें। उन्होंने बताया कि कुत्तों को पसीना नहीं आता, इसलिए वे जीभ बाहर निकालकर (हांफकर) शरीर की गर्मी कम करते हैं। इस लक्षण को पहचाने की जरूरत है। साथ ही दिन में कुत्तों को सुबह 11 से शाम चार बजे तक बाहर धूप में न ले जाएं। पंखे, कूलर या एसी वाले कमरे में रखें। बुखार होने पर ठंडे पानी की पट्टी गर्दन और सिर पर रखें।

    इसके अलावा लगातार बढ़ रही गर्मी का असर बिल्लियों की स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। इन दिनों बिल्लियों में वायरल फीवर तेजी से फैल रहा है, जिसके चलते कई पालतू बिल्लियां बीमार हो रही हैं। फीवर होने पर बिल्लियां खाना कम कर देती हैं और पानी अधिक पीने लगती हैं। इसके अलावा उनमें सुस्ती और कमजोरी भी देखने को मिल रही है। यदि बिल्ली हांफ रही हो, उसकी लार बह रही हो, वह बहुत सुस्त हो या उल्टी करे, तो उसे तुरंत किसी पशु चिकित्सक के पास ले जाएं। गर्मियों में बिल्लियों के बालों को नियमित रूप से ब्रश करें।

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    उलझे हुए बाल निकालने से उनकी त्वचा सांस ले पाती है और उन्हें ठंडक महसूस होती है। घर के कई कोनों में साफ और ताजा पानी रखें। कुछ बिल्लियों को बहता हुआ पानी पसंद होता है, जिसके लिए पेट फाउंटेन का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि अस्पतालों पर बीमार पालतू कुत्ते और बिल्लियां पहुंच रही हैं। जानवरों में सुस्ती या अन्य लक्षण देखें तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।