चांसी गांव की आबादी में तेंदुआ दिखने से ग्रामीणों में दहशत, खेत जाने से कतरा रहे लोग, पिंजरा बना शोपीस
चांसी गांव में तेंदुए का आतंक थम नहीं रहा है, अब वह आबादी के करीब दिखने लगा है जिससे ग्रामीणों में दहशत है। ...और पढ़ें

HighLights
चांसी गांव में तेंदुए का आतंक जारी, आबादी के पास दिखा।
वन विभाग की लापरवाही पर ग्रामीणों ने उठाए गंभीर सवाल।
ग्रामीणों में दहशत, बच्चों को घरों में कैद कर रहे लोग।
जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। गांव चांसी में तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले कई महीनों से पालतू और आवारा पशुओं का शिकार कर रहा तेंदुआ अब आबादी तक पहुंचने लगा है।
बुधवार सुबह गांव के रिहायशी इलाके के पास तेंदुआ दिखाई देने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने बच्चों को घरों में कैद कर दिया और खेतों की ओर जाने से भी परहेज किया।
हैरानी की बात यह है कि एक दिन पहले मंगलवार को ही डीएफओ डॉ. हरेंद्र सिंह ने गांव पहुंचकर तेंदुए के पदचिह्नों और लगाए गए पिंजरे का निरीक्षण कर एक और पिजरा लगा वन कर्मियों को निगरानी बढ़ाने और तेंदुए को जल्द पकड़ने के निर्देश भी दिए थे, लेकिन निरीक्षण के महज 24 घंटे बाद ही तेंदुआ आबादी के करीब दिखाई देने से वन विभाग की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीण कपिल नागर, गौरव नागर, राहुल शर्मा और तीरथ प्रधान का कहना है कि तेंदुआ अब तक कई पालतू और आवारा पशुओं को अपना शिकार बना चुका है।
आरोप है कि विभाग ने गांव में पिंजरें तो लगा दिए, लेकिन उसमें नियमित रूप से चारा नहीं रखा जाता और न ही उसकी प्रभावी निगरानी की जाती है। अधिकांश दिन के समय पिंजरें खाली और निष्क्रिय पड़े रहते है, जिससे तेंदुए को पकड़ने की कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई है।
उनका कहना है कि वन विभाग की लापरवाही के कारण अब तेंदुआ जंगल से निकलकर आबादी तक पहुंच गया है। आबादी के पास तेंदुआ दिखने से ग्रामीणों में भारी दहशत है।
लोगों का कहना है कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी जनहानि हो सकती है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल सघन काम्बिंग अभियान चलाने, पिंजरे की नियमित निगरानी कराने और तेंदुए को शीघ्र पकड़ने की मांग की है।
डीएफओ डॉ. हरेंद्र सिंह ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि तेंदुआ दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें तथा अकेले जंगल या खेतों की ओर न जाएं। विभाग पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जल्द ही तेंदुए को पकड़ने का प्रयास तेज किया जाएगा।