बॉडी बनाने के जुनून में बीमार हो रही किडनी, हाई प्रोटीन डाइट का सेवन कर रहे जिम जाने वाले युवा
बुलंदशहर में जिम जाने वाले युवा बिना विशेषज्ञ सलाह के अत्यधिक प्रोटीन डाइट और कम पानी पीने से अपनी किडनी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे क्रिएटिनिन का ...और पढ़ें


समय कम है?
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जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। युवाओं में बाडी बनाने का जुनून किडनी का दुश्मन बन रहा है। जिम में पसीना बहाने वाले अधिकांश युवा बिना विशेषज्ञ सलाह के हाई प्रोटीन डाइट का सेवन कर रहे हैं। यह लापरवाही शरीर को मजबूत करने के बजाय नुकसान पहुंचा रही है।
कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कालेज से संबद्ध अस्पताल में 18 से 45 वर्ष आयु के बीच के ऐसे कई युवा ऐसे पहुंच रहे हैं जिन्होंने बिना विशेषज्ञ सलाह के सप्लीमेंट लेकर किडनी को बीमार कर लिया है।
कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कालेज के डाॅ. रजत ने बताया कि बिना विशेषज्ञ सलाह के हाई प्रोटीन डाइट का चलन युवाओं में बढ़ रहा है। इससे शरीर मजबूत बनने के बजाए नुकसान झेल रहा है। जिम में देखता हूं कि हर चौथा युवा बिना विशेषज्ञ सलाह सप्लीमेंट ले लेता है। जिम में 40 प्रतिशत युवा तेजी से बाडी बनाने के लिए हाई प्रोटीन डाइट अपनाते हैं।
अत्यधिक प्रोटीन लेने के साथ पानी कम पीते हैं, इसकी वजह से क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ जाता है, जोकि किडनी की कार्यक्षमता पर असर डालता है। शरीर को जरूरत से ज्यादा प्रोटीन देने से उसका पूरा उपयोग नहीं हो पाता और किडनी पर दबाव पड़ता है। इसमें पानी की कमी इस समस्या को और गंभीर बना देती है। यदि हल्की थकान, भूख में कमी और शरीर में भारीपन जैसे लक्षण आए तो तुरंत अच्छे चिकित्सक को दिखाएं।
गुर्दा रोग विशेषज्ञ डा. विवेक गर्ग ने बताया कि मधुमेह, हाई बीपी, पथरी की बीमारी, बार-बार पेशाब का इंफेक्शन भी किडनी को बीमार करता है। क्रानिक किडनी डिजीज खामोश बीमारी है। किडनी की बीमारी अक्सर शुरुआती चरण में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के धीरे-धीरे बढ़ती है।
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यही कारण है कि अधिकांश मरीजों में बीमारी का पता देर से चलता है, जब किडनी को काफी नुकसान हो चुका होता है। स्वस्थ किडनी के लिए संतुलित आहार, नमक का सीमित सेवन, पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। शराब और धूमपान के सेवन से बचें। प्रोटीन या क्रिएटिन चिकित्सीय सलाह से करें।
ओवरडोज के दुष्परिणाम
- अधिक क्रिएटिन लेने से शरीर पर गंभीर असर पड़ सकता है।
- मांसपेशियां तेजी से टूटने लगती हैं।
- मायोग्लोबिन नामक प्रोटीन यूरिन में पहुंचकर किडनी की नसों को ब्लाक कर सकता है।
- इससे किडनी फेल होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
- पेशाब का रंग डार्क ब्राउन होना इसका प्रमुख संकेत है।
सावधानी ही बचाव
यमुनापुरम स्थित दी ट्रेनिंग रूम जिम संचालक एवं ट्रेनर आदित्य गिरि ने बताया कि जिम में आने वाले युवा को पहले दिन ही समझा देते हैं कि क्रिएटिन या प्रोटीन का सेवन विशेषज्ञ की सलाह से लें।
पर्याप्त पानी पीएं और थाली में प्रोटीन के खाद्य पदार्थ को शामिल करें। किसी भी सप्लीमेंट को शुरू करने से पहले डाक्टर की सलाह जरूर लें। ताकि स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सके।