'...मेरी हत्या हो सकती थी', जंतर-मंतर पर हमले के आरोपों पर स्वतंत्र भारद्वाज ने दी सफाई
स्वतंत्र भारद्वाज ने जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता पर हमले के आरोपों पर सफाई दी है। उन्होंने इसे आत्मरक्षा ...और पढ़ें

स्वतंत्र भारद्वाज।

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली/बुलंदशहर। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता पर हमले और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के कथित कबूलनामे ने सियासी और कानूनी हलचलों को तेज कर दिया है।
एक हालिया पॉडकास्ट में स्वतंत्र भारद्वाज ने हमले का दावा करने और राजनीतिक रसूख के दम पर जेल न जाने की बात कही, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
अब अपने दावे पर स्वतंत्र भारद्वाज ने कहा, "लोग जिसे हमला कह रहे हैं, वह असल में आत्मरक्षा था। अगर मैंने आत्मरक्षा में ऐसा नहीं किया होता, तो भीड़ मुझे पीट-पीटकर मार सकती थी या मेरी हत्या हो सकती थी। मेरे पास वीडियो सबूत हैं। मुझे 10-15 लोगों ने घेर लिया था। जब मैंने आत्मरक्षा में कदम उठाया, तो उनके सिर पर चोट लग गई।"
#WATCH | बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश | जंतर-मंतर पर CJP के विरोध-प्रदर्शन के दौरान CJP कार्यकर्ता निशु आज़ाद के पिता पर हमले को लेकर एक पॉडकास्ट के दौरान किए दावे पर स्वतंत्र भारद्वाज ने कहा, "लोग जिसे हमला कह रहे हैं, वह असल में आत्मरक्षा था। अगर मैंने आत्मरक्षा में ऐसा नहीं किया… pic.twitter.com/mqA9AmdV4l
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 4, 2026
"दिल्ली पुलिस की मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, निशु के पिता को कोई गंभीर चोट नहीं आई थी। अभी भी जांच चल रही है और मैं पूरा सहयोग कर रहा हूं। राहुल गांधी और अन्य लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा पॉडकास्ट क्लिप नकली है। जो लोग कह रहे हैं कि मुझे कपिल मिश्रा के प्रभाव के कारण छोड़ा गया, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि कपिल मिश्रा और चिराग पासवान मेरे भाइयों की तरह हैं। लोगों को समझना चाहिए कि क्या बात व्यंग्य में कही गई थी।"
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