विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'...मेरी हत्या हो सकती थी', जंतर-मंतर पर हमले के आरोपों पर स्वतंत्र भारद्वाज ने दी सफाई

Published: Fri, 04 Sep 2026 12:34 PM (IST)

स्वतंत्र भारद्वाज ने जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता पर हमले के आरोपों पर सफाई दी है। उन्होंने इसे आत्मरक्षा ...और पढ़ें

स्वतंत्र भारद्वाज।

स्वतंत्र भारद्वाज।

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली/बुलंदशहर। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता पर हमले और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के कथित कबूलनामे ने सियासी और कानूनी हलचलों को तेज कर दिया है।

एक हालिया पॉडकास्ट में स्वतंत्र भारद्वाज ने हमले का दावा करने और राजनीतिक रसूख के दम पर जेल न जाने की बात कही, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। 

अब अपने दावे पर स्वतंत्र भारद्वाज ने कहा, "लोग जिसे हमला कह रहे हैं, वह असल में आत्मरक्षा था। अगर मैंने आत्मरक्षा में ऐसा नहीं किया होता, तो भीड़ मुझे पीट-पीटकर मार सकती थी या मेरी हत्या हो सकती थी। मेरे पास वीडियो सबूत हैं। मुझे 10-15 लोगों ने घेर लिया था। जब मैंने आत्मरक्षा में कदम उठाया, तो उनके सिर पर चोट लग गई।"

"दिल्ली पुलिस की मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, निशु के पिता को कोई गंभीर चोट नहीं आई थी। अभी भी जांच चल रही है और मैं पूरा सहयोग कर रहा हूं। राहुल गांधी और अन्य लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा पॉडकास्ट क्लिप नकली है। जो लोग कह रहे हैं कि मुझे कपिल मिश्रा के प्रभाव के कारण छोड़ा गया, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि कपिल मिश्रा और चिराग पासवान मेरे भाइयों की तरह हैं। लोगों को समझना चाहिए कि क्या बात व्यंग्य में कही गई थी।"

यह भी पढ़ें- IIT दिल्ली में छात्र की खुदकुशी पर छात्रों का मोर्चा, प्रशासन से स्वतंत्र जांच और जवाबदेही की मांग