चंदौली में दो साल पुराना सर्किल रेट से किसानों को मिल रहा मुआवजा, हो रहा भारी नुकसान
चंदौली में वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे समेत विभिन्न परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण में किसानों को दो साल पुराने सर्किल रेट पर मुआवजा मिल रहा है। इससे ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
किसानों को दो साल पुराने सर्किल रेट पर मुआवजा।
तीस हजार से अधिक किसान भूमि अधिग्रहण से प्रभावित।
किसान उचित मुआवजे के लिए आंदोलन की तैयारी में।
जागरण संवाददाता, चंदौली। वाराणसी- कोलकाता एक्सप्रेस सहित कई प्रमुख सड़कों एवं परियोजनाओं का निर्माण कार्य चला रहा है। इससे निकलने वाले लिंक रोड के अलावा कई फोरलेन शामिल हैं। इसके निर्माण के लिए किसानों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है।
विंध्य एक्सप्रेस वे में अकेले बरहनी ब्लाक के 18 गांव प्रभावित हैं। किसानों का आरोप है कि पिछले दो साल से सर्किल रेट नहीं बढ़ाया जा सका है। इसके चलते किसानों को आर्थिक क्षति हो रही है। बताया जा रहा है कि 2024 में सर्किल रेट निर्धारित किया गया था। इसके बाद अभी तक उसी दर से जहां भूमि की रजिस्ट्री हो रही है तो वहीं किसानों को मुआवजा भी दिया जा रहा है।
वाराणसी कोलकाता एक्सप्रेस वे में सर्वाधिक 45 गांव के दस हजार से अधिक किसान प्रभावित हुए थे। इसके अलावा उससे निकल रहे लिंक रोड में भी हजारों लोग प्रभावित हैं। सैयदराजा से गाजीपुर हाईवे का निर्माण प्रस्तावित है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शूरू हो गई है। इसमें भी 18 गांव के दो हजार से अधिक किसान प्रभावित होंगे।
प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस वे में भी 18 गांव के किसानों की भूमि अधिग्रहित की जाएगी। हाईवे और सड़कों के निर्माण से जनपद के विकास को गति मिल रही है लेकिन किसानों की अधिग्रहित की गई भूमि का उचित मुआवजा नहीं मिल पा रहा है।
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वर्तमान में देखा जाए तो जिले में शहरी को छोड़ गांव की भूमि भी महंगी हो गई है। सर्किल रेट नहीं बढ़ने से किसानों को मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। शासन की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार किसानों को खेती योग्य भूमि का मुआवजा चार गुना दिया जाना चाहिए। बरहनी के किसान इसको लेकर आंदोलित भी हैं। वह इसके लिए हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। किसानों की महापंचायत कर इसका विरोध भी करेंगे।
सर्किल रेट का निर्धारण अभी नहीं किया जा सका है। किसानों को ही नहीं इससे सरकार को भी क्षति है। किसी भी रजिस्ट्री में सर्किल रेट से अधिक का स्टांप नहीं लगाया जा रहा है। इससे भी सर्किल रेट का निर्धारण किया जाता है। शासन की ओर से कुछ निर्देश आने वाले हैं। अध्ययन कर निर्णय लिया जाएगा।
-राजेश कुमार, अपर जिलाधिकारी