Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    चंदौली जिला अस्पताल में जल्द शुरू हो सकती है हार्ट स्टेंट की सुविधा, शासन को भेजा गया 13 करोड़ का प्रस्ताव

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 03:14 PM (IST)

    चंदौली के बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हृदय रोगियों के लिए कैथ लैब और एंजियोग्राफी-स्टेंट की सुविधा जल्द शुरू हो सकती है। इसके लिए अस्पताल प् ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

    HighLights

    1. चंदौली अस्पताल में कैथ लैब स्थापना का प्रस्ताव भेजा।

    2. हृदय की एंजियोग्राफी और स्टेंट सुविधा मिलेगी।

    3. 13 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को प्रेषित।

    जागरण संवाददाता, चंदौली। जिले के बाबा कीनाराम स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में हृदय रोगियों के इलाज की सुविधाएं जल्द बढ़ने की उम्मीद है। अस्पताल प्रशासन ने कैथ लैब की स्थापना और हृदय की एंजियोग्राफी व स्टेंट लगाने की सुविधा शुरू करने के लिए करीब 13 करोड़ रुपये का प्रस्ताव वार्षिक कार्ययोजना में शासन को भेजा है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर मरीजों को वाराणसी या अन्य शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

    मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अमित सिंह ने बताया कि अस्पताल में पहले से ही कार्डियोलाजिस्ट की तैनाती है। इसके अलावा ईसीजी, इकोकार्डियोग्राफी (इको), ट्रोपोनिन और सीके-एमबी जैसी रक्त जांच की सुविधाएं उपलब्ध हैं।

    इन जांचों की मदद से कई मामलों में ईसीजी में स्पष्ट संकेत न मिलने पर भी हार्ट अटैक की पुष्टि की जा सकती है और यह भी पता लगाया जा सकता है कि हार्ट अटैक कितनी देर पहले हुआ था।

    उन्होंने बताया कि इकोकार्डियोग्राफी से हृदय की पंपिंग क्षमता, हृदय के आकार में बदलाव और अन्य संरचनात्मक गड़बड़ियों का पता लगाया जाता है। वहीं सीने में दर्द या ब्लाकेज की आशंका होने पर एंजियोग्राफी सबसे प्रभावी जांच होती है, जिससे हृदय की धमनियों में रुकावट का सही आकलन किया जा सकता है।

    प्रधानाचार्य ने बताया कि अस्पताल में कैथ लैब स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। यदि इसे स्वीकृति मिल जाती है तो इसी वर्ष या अगले वर्ष अस्पताल में एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और स्टेंट लगाने की सुविधा शुरू हो सकती है। इससे जनपद और आसपास के क्षेत्रों के हृदय रोगियों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- जौनपुर की 89 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य ठप, प्रशासक बनने के बाद भी नहीं शुरू हुआ काम