नए सोलर प्लांट से घटेगा चंदौली मेडिकल कॉलेज का बिजली बिल, पार्किंग भी होगी सुरक्षित
चंदौली मेडिकल कॉलेज में 475 केवीए का नया सोलर प्लांट लगाया जा रहा है, जिससे बिजली खर्च में बड़ी कमी आएगी। यह प्लांट पार्किंग क्षेत्र के ऊपर स्थापित हो ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
नया 475 केवीए सोलर प्लांट मेडिकल कॉलेज में स्थापित।
पार्किंग क्षेत्र के ऊपर लगने से वाहनों को सुरक्षा।
कॉलेज के वार्षिक बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आएगी।
जागरण संवाददाता, सैयदराजा (चंदौली)। ऊर्जा संरक्षण और बिजली खर्च में कमी लाने की दिशा में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कॉलेज परिसर में पहले से संचालित 432 केवीए क्षमता के सोलर प्लांट के बाद अब 475 केवीए क्षमता का एक और सोलर प्लांट स्थापित किया जा रहा है।
नए संयंत्र के शुरू होने के बाद कॉलेज की विद्युत आवश्यकता का बड़ा हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा होगा, जिससे बिजली पर होने वाले वार्षिक खर्च में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
कॉलेज में ओएमसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की ओर से पहले से 432 केवीए का सोलर प्लांट संचालित है। अब उसी कंपनी द्वारा 475 केवीए क्षमता का नया सोलर प्लांट पार्किंग क्षेत्र में लगाया जा रहा है।
इस परियोजना की विशेषता यह है कि सोलर पैनल पार्किंग के ऊपर लगाए जा रहे हैं, जिससे एक ओर बिजली का उत्पादन होगा तो दूसरी ओर नीचे वाहनों की पार्किंग भी सुगमता से हो सकेगी। इससे धूप और बारिश से वाहनों को भी सुरक्षा मिलेगी।
कंपनी के अनुसार नए सोलर प्लांट से प्रतिदिन लगभग 19 यूनिट प्रति किलोवाट के औसत से बिजली उत्पादन होगा। कंपनी कॉलेज को 4.83 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराएगी, जो पारंपरिक बिजली दरों की तुलना में काफी किफायती मानी जा रही है। इससे संस्थान के संचालन पर आने वाले विद्युत व्यय में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 24 फरवरी 2024 से 11 मार्च 2025 तक की अवधि के आधार पर मेडिकल कॉलेज का वार्षिक अनुमानित विद्युत खर्च ₹85,54,247 है। सोलर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से इस खर्च में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही कॉलेज स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने वाले संस्थानों की श्रेणी में भी अपनी पहचान मजबूत करेगा।
खबरें और भी
सौर ऊर्जा परियोजना पूरी तरह चालू होने के बाद बिजली आपूर्ति अधिक विश्वसनीय होगी, कॉलेज को आर्थिक बचत का लाभ मिलेगा। पार्किंग आधारित सोलर प्लांट का मॉडल परिसर में उपलब्ध स्थान के बेहतर उपयोग का भी उदाहरण बनेगा। -अमित सिंह, प्राचार्य बाबा किनाराम मेडिकल कॉलेज।
यह भी पढ़ें- गोरखपुर में उद्यमी को 13 साल बाद मिला औद्योगिक भूखंड का कब्जा, 2026 से प्रभावी होगा शुल्क