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    गोरखपुर में उद्यमी को 13 साल बाद मिला औद्योगिक भूखंड का कब्जा, 2026 से प्रभावी होगा शुल्क

    Updated: Sun, 02 Aug 2026 03:29 PM (IST)

    गोरखपुर में एक उद्यमी को 13 साल के लंबे इंतजार के बाद औद्योगिक भूखंड का भौतिक कब्जा मिल गया है। गीडा ने निर्णय लिया है कि आवंटन 2026 से प्रभावी होगा, ...और पढ़ें

    गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण। जागरण

    गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण। जागरण

    HighLights

    1. उद्यमी को 13 साल बाद मिला औद्योगिक भूखंड का कब्जा।

    2. गीडा ने 2026 से प्रभावी किया आवंटन और शुल्क।

    3. वित्तीय बोझ से राहत, ब्याज और शुल्क में छूट।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। करीब 13 वर्षों से औद्योगिक भूखंड के भौतिक कब्जे का इंतजार कर रहे एक उद्यमी को आखिरकार बड़ी राहत मिल गई है। जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक में गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) ने जानकारी देते हुए बताया कि कि अमहिया ट्रांसपोर्ट नगर योजना के सेक्टर-22 स्थित एक भूखंड किसानों के कब्जे से मुक्त करा ली गई है। आवंटी को अब भूखंड का भौतिक कब्जा देने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और आवंटन की प्रभावी तिथि वर्ष 2026 मानी जाएगी।

    गीडा ने यह भी निर्णय लिया है कि आवंटी से कब्जा शुल्क वर्ष 2026 से ही लिया जाएगा। साथ ही वर्ष 2011 से 2026 तक के विलंब को देखते हुए इस अवधि के लिए किसी प्रकार का समय विस्तारण (टाइम एक्सटेंशन) शुल्क नहीं लिया जाएगा और न ही मूलधन पर ब्याज लगाया जाएगा। इससे आवंटी को वर्षों के अतिरिक्त वित्तीय बोझ से राहत मिलेगी।

    मामला उद्यमी रमेश प्रकाश द्विवेदी से जुड़ा है, जिनके नाम वर्ष 2011 में भूखंड की रजिस्ट्री हो गई थी। हालांकि भूमि पर किसानों के कब्जे और रिलोकेशन प्रक्रिया के कारण उन्हें वास्तविक भौतिक कब्जा नहीं मिल सका था। यह मामला लंबे समय से उद्योग बंधु की बैठकों में उठाया जा रहा था।

    बैठक में गीडा अधिकारियों ने बताया कि अब संबंधित भूमि पूरी तरह खाली करा ली गई है और आवंटी को कब्जा देने की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही आवंटन को वर्ष 2026 से प्रभावी मानते हुए सभी देयताओं का निर्धारण उसी आधार पर किया जाएगा।

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    चेंबर आफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आरएन सिंह ने बताया कि उद्योग बंधु समिति में गीडा ने स्पष्ट तौर पर कहा कि कि आवंटी को वर्षों की देरी का आर्थिक नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। यदि वर्ष 2011 से शुल्क और अन्य देयताएं जोड़ी जातीं तो उद्यमी पर भारी वित्तीय बोझ पड़ता। गीडा के इस निर्णय से न केवल कब्जा शुल्क 2026 से लागू होगा, बल्कि समय विस्तारण शुल्क और मूलधन पर ब्याज से भी पूरी छूट मिलेगी।

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    उद्योग बंधु समिति ने गीडा अधिकारियों को निर्देश दिया कि शेष प्रशासनिक औपचारिकताएं बिना किसी विलंब के पूरी कर उद्यमी को भूखंड का पूर्ण भौतिक कब्जा उपलब्ध कराया जाए, ताकि वह अपने औद्योगिक प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य शुरू कर सके। लंबे समय से लंबित इस मामले के समाधान को उद्यमियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।