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    ट्रेन में बिना इयरफोन बजाया गाना तो सीधे जाएंगे जेल, रेलवे ने कसी कमर

    Updated: Sun, 02 Aug 2026 03:03 PM (IST)

    रेलवे ने ट्रेन में तेज आवाज में मोबाइल, रील या गाने सुनने पर सख्ती बढ़ा दी है। लखनऊ मंडल में सात माह में 97 यात्रियों पर कार्रवाई हुई है, जिसमें जुर्म ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. ट्रेन में तेज आवाज में मोबाइल उपयोग प्रतिबंधित।

    2. लखनऊ मंडल में 97 यात्रियों पर हुई कार्रवाई।

    3. जुर्माना, जेल या दोनों का हो सकता है प्रावधान।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। ट्रेन में रील, वीडियो, फिल्में देखने और गाना सुनने के बढ़ते चलन के बीच यात्रियों को शांत, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रेलवे एक्ट के प्रविधानों को लागू कराने को लेकर पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल ने सख्ती बढ़ा दी है। बढ़ती शिकायतों ने रेलवे की चिंता भी बढ़ा दी है।

    लखनऊ मंडल प्रशासन की ओर से जारी चेतावनी के साथ रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने ऐसी शिकायतों पर कार्रवाई भी तेज कर दी है। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर आरपीएफ की टीम जनवरी से जुलाई 2026 तक सात माह में मोबाइल व लैपटाप पर तेज आवाज में रील व वीडियो देखने, दूसरे यात्रियों के सफर में व्यवधान डालने, शोर मचाने तथा नियमों के उल्लंघन करने वाले 97 यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई की है।

    जून माह में तत्कालीन आरपीएफ इंस्पेक्टर दशरथ प्रसाद ने बिहार संपर्क क्रांति व गोरखधाम आदि एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्रियों पर जुर्माना लगाते हुए अगली बार के लिए चेतावनी भी दी। समझाया कि सफर के दौरान तेज आवाज में मोबाइल पर बात करना, रील देखना, गाने या वीडियो चलाना अथवा लैपटाप पर तेज ध्वनि में गाने सुनना रेलवे नियमों का उल्लंघन है। इसमें एक हजार रुपये तक जुर्माना, जेल या दोनों कार्रवाई एक साथ की जा सकती है। अगली बार ऐसा किया तो जेल भी जा सकते हैं।

    लखनऊ मंडल के जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता बताते हैं कि यात्रा के दौरान ट्रेन में तेज आवाज में मोबाइल पर बात करना, मोबाइल व लैपटाप पर रील, गाने, व वीडियो चलाना या अनावश्यक शोर करके सहयात्रियों को परेशान करना प्रतिबंधित है। आरामदायक यात्रा के लिए यात्री इयरफोन का प्रयोग कर सकते हैं। धीमी आवाज में बात कर सकते हैं। अक्सर, देखा जाता है कि कुछ यात्री मोबाइल फोन पर तेज आवाज में बातचीत करते हैं।

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    तेज आवाज में रील देखते हैं। कई यात्री वीडियो देखते हैं। जिससे अन्य यात्रियों को असुविधा होती है। यही नहीं, स्टेशन परिसर, ट्रेन के अंदर या पटरियों पर कचरा, थूकना, पान-गुटखा की पीक फेंकना भी दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।

    यात्रियों को इयरफोन का इस्तेमाल करना चाहिए ताकि दूसरों को असुविधा न हो। वाराणसी मंडल के वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक ने ड्यूटी के दौरान ट्रेन, स्टेशन, कंट्रोल रूम और परिचालन गतिविधियों से जुड़े वीडियो, फोटो या रील बनाकर यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक सहित अन्य मंचों पर साझा करने पर रोक दोहराई है।