रेलवे बोर्ड की पहल पर अब ऑनलाइन या मैनुअल, दोनों माध्यमों से मिलेंगे पास
रेलवे बोर्ड ने सेवानिवृत्त, पारिवारिक पेंशनभोगियों और दिव्यांग कर्मचारियों के लिए पास जारी करने की व्यवस्था में बदलाव किया है। ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। रेलवे बोर्ड ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों, पारिवारिक पेंशनभोगियों और सेवारत दिव्यांग कर्मचारियों को राहत देते हुए मानार्थ पास, प्रिविलेज पास और पीटीओ जारी करने की व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब उन्हें आनलाइन या मैनुअल दोनों तरह के पास मिल सकेंगे। पात्र लाभार्थी अपनी सुविधा के अनुसार ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (डिजिटल प्रणाली) या मैनुअल (हाथ से बने) पास, दोनों में से किसी भी माध्यम का विकल्प चुन सकेंगे। यह व्यवस्था छह महीने के लिए लागू रहेगी। इसके बाद समीक्षा कर आगे की नीति तय की जाएगी।
रेलवे बोर्ड ने 31 जुलाई 2026 को जारी आदेश में इस आशय का आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (एमपीपी) शत्रुघ्न बेहरा ने स्पष्ट किया है कि ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (एचआरएमएस) के माध्यम से पास जारी करने की सामान्य व्यवस्था जारी रहेगी, लेकिन जिन सेवानिवृत्त कर्मचारियों, पारिवारिक पेंशनभोगियों और सेवारत दिव्यांग कर्मचारियों को डिजिटल माध्यम अपनाने में कठिनाई है, उन्हें उनकी इच्छा के अनुसार मैनुअल पास भी उपलब्ध कराए जाएंगे। हालांकि, यह छूट उन पेंशनभोगियों पर लागू नहीं होगी जो पहले से एचआरएमएस के माध्यम से पास प्राप्त कर रहे हैं या सेवा के दौरान भी एचआरएमएस प्रणाली का उपयोग करते रहे हैं।
दरअसल, रेलवे बोर्ड को विभिन्न कर्मचारी संगठनों और पेंशनभोगी संगठनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि बड़ी संख्या में पेंशनभोगी और विधवा डिजिटल रूप से साक्षर नहीं हैं। कई क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या है और अनेक रेलवे इकाइयां अभी पूरी तरह ई पास व्यवस्था लागू करने के लिए तैयार नहीं हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए पुरानी व्यवस्था को आंशिक रूप से बहाल करने का निर्णय लिया गया।
रेलवे बोर्ड ने सभी रेलवे जोन और इकाइयों को निर्देश दिया है कि जहां मैनुअल पास जारी किए जाते हैं, वहां हेल्पडेस्क और सुविधा केंद्र स्थापित किए जाएं ताकि लाभार्थियों को एचआरएमएस के माध्यम से पास प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। यह निर्णय रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी की स्वीकृति के बाद जारी किया गया है। एनई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) ने बोर्ड के इस निर्णय का स्वागत किया है।
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यूनियन के संयुक्त महामंत्री ओंकार सिंह का कहना है कि आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआइआरएफ) के जनरल सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्र ने रेलवे बोर्ड के साथ आयोजित स्थायी वार्ता तंत्र (पीएनएम) की बैठक में इस प्रकरण को उठाया था।
