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    चंदौली पावरलूम लोन में 9.50 लाख की हेराफेरी,बैंक अफसरों समेत चार पर मुकदमा

    Updated: Fri, 24 Jul 2026 02:40 PM (IST)

    पीडीडीयू नगर में पावरलूम मशीन ऋण के नाम पर एक महिला से 9.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। बैंक अधिकारियों, बिचौलियों और एक ट्रेडिंग फर् ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

    HighLights

    1. महिला से पावरलूम ऋण में 9.50 लाख की धोखाधड़ी।

    2. बैंक अधिकारी, बिचौलिए और फर्म पर गबन का आरोप।

    3. मुगलसराय पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

    जागरण संवाददाता, पीडीडीयू नगर (चंदौली)। पावरलूम मशीन खरीदने के लिए बैंक से ऋण दिलाने के नाम पर महिला के साथ 9.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी व गबन का मामला सामने आया है। आरोप है कि बैंक अधिकारियों, बिचौलियों व ट्रेडिंग फर्म ने साजिश के तहत महिला के नाम पर 9.50 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कराया, लेकिन उसे पूरी धनराशि नहीं दी गई।

    नई मशीन उपलब्ध कराने के बजाय महिला को महज 2.90 लाख रुपये दिए गए, जबकि शेष 6.60 लाख रुपये की रकम हड़प ली गई। इसके बाद महिला से प्रत्येक माह 15 हजार रुपये की ऋण किस्त भी वसूल की जाती रही।

    पीड़िता की तहरीर पर मुगलसराय पुलिस ने तत्कालीन बैंक प्रबंधक, फील्ड ऑफिसर, बिचौलिए मनोज शर्मा, सोनी ट्रेडर्स समेत अन्य के विरुद्ध धोखाधड़ी, गबन व आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    दुलहीपुर निवासी रुकसाना बीबी पत्नी परवेज अहमद ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह वर्ष 2013 से पुरानी मॉडल की पावरलूम मशीन से कारोबार कर रही थीं। व्यापार बढ़ाने के लिए नई पावरलूम मशीन खरीदने की योजना बनाई। इसके लिए जिला उद्योग केंद्र चंदौली के माध्यम से आवेदन किया गया। ऋण स्वीकृति के लिए उनकी पत्रावली बड़ौदा यूपी बैंक की दुलहीपुर शाखा में पहुंची।

    आरोप है कि इसी दौरान बैंक अधिकारियों व अन्य संबंधित लोगों ने मिलकर उनके साथ धोखाधड़ी की योजना बनाई। पीड़िता के अनुसार वह अनपढ़ हैं। आरोपितों ने ऋण स्वीकृति व मशीन खरीदने की प्रक्रिया बताकर विभिन्न दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर करा लिए। वर्ष 2022 में उनके नाम पर 9.50 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कराया गया।

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    हालांकि पूरी रकम उन्हें नहीं दी गई। उनके खाते में अथवा उनके उपयोग के लिए केवल 2.90 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए। शेष 6.60 लाख रुपये के संबंध में उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। नई पावरलूम मशीन भी उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बावजूद ऋण की किस्त के नाम पर हर माह 15 हजार रुपये की वसूली की जाती रही।

    मामले में रुकसाना बीबी की तहरीर के आधार पर मुगलसराय थाने में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार मुकदमे में तत्कालीन बैंक प्रबंधक, फील्ड ऑफिसर, बिचौलिए मनोज कुमार शर्मा, सोनी ट्रेडर्स सहित अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

    ऋण स्वीकृति से लेकर धनराशि के वितरण तक के दस्तावेज, बैंक अभिलेख व संबंधित खातों की पड़ताल की जाएगी। इसी मामले को लेकर चांदनी मार्केट क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच विवाद व कहासुनी की सूचना पर पुलिस पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया।

    इस दौरान मनोज कुमार शर्मा व गोविंद कुमार के उग्र व्यवहार करने तथा शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका पर दोनों के विरुद्ध बीएनएसएस के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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