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    डीडीयू मंडल ने एक माह में 918 माल डिब्बों के ओवरहॉल से बनाया राष्ट्रीय कीर्तिमान

    By vivek dubeyEdited By: Abhishek sharma
    Updated: Sat, 01 Aug 2026 05:10 PM (IST)

    पीडीडीयू मंडल ने जुलाई में 918 माल डिब्बों का रूटीन ओवरहॉल (आरओएच) कर भारतीय रेल में एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि महाप्रबंधक ...और पढ़ें

    पीडीडीयू मंडल ने माल डिब्बों के ओवरहॉल में रचा नया इतिहास।

    पीडीडीयू मंडल ने माल डिब्बों के ओवरहॉल में रचा नया इतिहास।

    HighLights

    1. जुलाई में 918 माल डिब्बों का आरओएच पूरा किया।

    2. भारतीय रेल में सर्वाधिक मासिक ओवरहॉल का कीर्तिमान।

    3. टीम की प्रतिबद्धता और तकनीकी दक्षता का शानदार परिणाम।

    जागरण संवाददाता, पीडीडीयू नगर (चंदौली)। पूर्व मध्य रेल का पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल एक बार फिर भारतीय रेल में अपनी कार्यकुशलता का परचम लहराने में सफल रहा है। डीडीयू जंक्शन स्थित वैगन केयर सेंटर ने जुलाई में बॉक्सन प्रकार के 918 माल डिब्बों का रूटीन ओवरहॉल (आरओएच) पूरा कर भारतीय रेल में एक माह के दौरान सर्वाधिक मासिक ओवरहॉल का नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया है।

    यह उपलब्धि करीब 15 क्लोज सर्किट (सीसी) रेकों के अनुरक्षण के बराबर मानी जा रही है। खास बात यह है कि मंडल ने दिसंबर 2025 में बनाए गए 905 वैगनों के अपने ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए उत्कृष्टता की नई इबारत लिखी है। यह सफलता महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह के मार्गदर्शन व मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना के नेतृत्व तथा वरीय मंडल यांत्रिक अभियंता (कैरिज एवं वैगन) नितिन कुमार के निर्देशन में पूरी टीम की प्रतिबद्धता, तकनीकी दक्षता और सतत सुधार की सोच का परिणाम है।

    अनुरक्षण से जुड़े कर्मचारियों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता से कोई समझौता किए बिना इस चुनौतीपूर्ण लक्ष्य को पूरा किया। रूटीन ओवरहॉल के दौरान प्रत्येक माल डिब्बे का विस्तृत तकनीकी परीक्षण किया जाता है। आवश्यक मरम्मत, विभिन्न अवयवों का रखरखाव तथा सुरक्षा मानकों के अनुरूप उनकी कार्यक्षमता सुनिश्चित की जाती है।

    यही प्रक्रिया माल डिब्बों की विश्वसनीयता, सेवा-योग्यता और उपलब्धता को मजबूत बनाती है, जिससे माल परिवहन प्रणाली अधिक सुरक्षित और प्रभावी होती है। इसी अवधि में मंडल के माल डिब्बा परीक्षण यार्ड में 370 क्लोज सर्किट रेक भी गठित किए गए। इन रेकों को 35+5 दिन अथवा 10,000 किलोमीटर तक विस्तारित ब्रेक पावर प्रमाण-पत्र (बीपीसी) वैधता प्राप्त है।

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    इससे रैकों की उपलब्धता बढ़ेगी, परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग होगा तथा पूर्व मध्य रेल के धनबाद मंडल समेत प्रमुख माल लदान क्षेत्रों में समय पर खाली रेक उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना ने कहा कि रूटीन ओवरहॉल माल डिब्बों की सुरक्षा, गुणवत्ता और दीर्घकालिक विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।

    त्वरित तकनीकी परीक्षण, गुणवत्तापूर्ण मरम्मत तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप रखरखाव के माध्यम से प्रत्येक वैगन को सुरक्षित परिचालन के लिए तैयार किया जाता है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की इस उपलब्धि के लिए पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि डीडीयू मंडल उत्कृष्टता, गुणवत्ता और सुरक्षा के सर्वोच्च मानकों के साथ भारतीय रेल की माल परिवहन व्यवस्था को और सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध रहेगा।

     

    इस सफलता का श्रेय यांत्रिक विभाग की टीम भावना, समयबद्ध कार्य संस्कृति तथा सुरक्षा मानकों के प्रभावी अनुपालन को देते हुए कहा कि प्रत्येक माल डिब्बे के गहन परीक्षण और गुणवत्तापूर्ण अनुरक्षण ने ही यह ऐतिहासिक उपलब्धि संभव बनाई है।

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    नितिन कुमार, वरीय मंडल यांत्रिक अभियंता, डीडीयू रेल मंडल