चंदौली में ऐतिहासिक चंद्रप्रभा पुल होगा ध्वस्त, काशी नरेश महाराज प्रभु नारायण सिंह के शासनकाल में हुआ था निर्माण
चंदौली में चकिया-मुगलसराय मार्ग के चौड़ीकरण के तहत 105 साल पुराना ऐतिहासिक चंद्रप्रभा पुल ध्वस्त किया जाएगा। यह पुल 1921 में काशी नरेश महाराज प्रभु ना ...और पढ़ें

105 वर्ष पुराना ऐतिहासिक चंद्रप्रभा पुल होगा ध्वस्त।
HighLights
चंदौली में 105 साल पुराना चंद्रप्रभा पुल ध्वस्त होगा।
यह पुल 1921 में काशी नरेश ने बनवाया था।
स्थानीय लोग ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण की मांग कर रहे हैं।
जागरण संवाददाता, बबुरी (चंदौली)। चकिया-मुगलसराय मार्ग के चौड़ीकरण के साथ बबुरी स्थित चंद्रप्रभा नदी पर बने करीब 105 वर्ष पुराने ऐतिहासिक पुल का भी अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। सड़क परियोजना के तहत पुराने पुल को हटाकर उसकी जगह आधुनिक एवं अधिक चौड़ा पुल बनाया जाएगा।
हालांकि विकास कार्य के साथ-साथ स्थानीय लोगों ने इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण की मांग भी उठाई है। इस पुल का निर्माण वर्ष 1921 में तत्कालीन बनारस स्टेट के काशी नरेश महाराज प्रभु नारायण सिंह के शासनकाल में कराया गया था।
उस समय महाराज इसी मार्ग से चंद्रप्रभा नदी पार कर चकिया क्षेत्र स्थित अपने महलों तक आवागमन करते थे। यह पुल केवल आवागमन का साधन ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास का भी साक्षी रहा है। पुल पर आज भी लगा शिलापट्ट इसकी ऐतिहासिकता की याद दिलाता है।
विमल कुमार सिंह, सुधीर सिंह, पुल्लू मौर्य, अरविंद शर्मा आदि स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण और बेहतर यातायात के लिए नए पुल का निर्माण आवश्यक है, लेकिन ऐतिहासिक महत्व रखने वाले इस पुल के शिलापट्ट और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों का संरक्षण भी किया जाना चाहिए।