चंदौली सहित पूर्वांचल के चार जिलों में केले की खेती को मिलेगा बढ़ावा, किसानों की बढ़ेगी आय
मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के तहत चंदौली सहित पूर्वांचल के चार जिलों में 33 हेक्टेयर में केले की खेती का लक्ष्य रखा गया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
चंदौली सहित चार जिलों में केले की खेती का लक्ष्य।
33 हेक्टेयर में टिश्यू कल्चर विधि से उत्पादन को बढ़ावा।
किसानों को मिलेगा अनुदान, आय में वृद्धि का प्रयास।
जागरण संवाददाता, चंदौली। मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत पूर्वांचल के जौनपुर, वाराणसी, चंदौली और भदोही को भी शामिल किया गया है। इन चार जिलों में 33 हेक्टेयर क्षेत्रफल में केले की खेती का लक्ष्य निर्धारित है। इसके लिए 13.86 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा। वहीं मीरजापुर में तीन हेक्टेयर में खजूर के पौधे उगाए जाएंगे। इसके लिए 2.88 लाख रुपये का अनुदान सरकार देगी।
जिले में आठ हेक्टेयर में केले की खेती का लक्ष्य मिला है। योजना के तहत टिश्यू कल्चर विधि से तैयार पौधों से केले की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। केले की खेती के लिए उपजाऊ दोमट, बलुई दोमट और अच्छी जल निकास वाली मिट्टी उपयुक्त मानी जाती है।
मिट्टी का पीएच मान लगभग छह से 7.5 के बीच बेहतर रहता है। उत्तर प्रदेश में सामान्य तौर पर केले की रोपाई फरवरी-मार्च और जून-जुलाई में की जा सकती है। खेत में जलभराव न होने देना जरूरी है। सिंचाई की समुचित व्यवस्था रहने पर पौधों की अच्छी वृद्धि होती है।
टिश्यू कल्चर विधि से ऐसे करें खेती
टिश्यू कल्चर विधि में प्रयोगशाला में स्वस्थ पौधे के छोटे हिस्से से तैयार रोगमुक्त पौधों को नर्सरी में विकसित करने के बाद खेत में रोपा जाता है। इससे एक समान पौध सामग्री मिलती है और केले की फसल के बेहतर उत्पादन में मदद मिलती है।
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पूर्वांचल के चार जिलों में लक्ष्य
| जिला | क्षेत्रफल | अनुदान (लाख रुपये में) |
| चंदौली | 8 हेक्टेयर | ₹ 3.36 लाख |
| जौनपुर | 15 हेक्टेयर | ₹ 6.30 लाख |
| वाराणसी | 5 हेक्टेयर | ₹ 2.10 लाख |
| भदोही | 5 हेक्टेयर | ₹ 2.10 लाख |
| कुल | 33 हेक्टेयर | ₹ 13.86 लाख |
(नोट- अनुदान की धनराशि लाख रुपये में है।)
योजना के तहत किसानों को केले की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 42 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। किसान निर्धारित मानकों के अनुसार आवेदन कर योजना का लाभ ले सकते हैं। टिश्यू कल्चर पौधों के उपयोग से केले की खेती को बढ़ावा देने के साथ किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. शैलेंद्रदेव दुबे, जिला उद्यान अधिकारी
