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    Alert: चित्रकूट में कुत्ते के काटने के 17 दिन बाद छात्र की मौत, एंटी रेबीज वैक्सीन की 3 डोज के बाद भी नहीं बची जान

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 06:20 AM (IST)

    चित्रकूट में स्कूल में कुत्ते के काटने के 17 दिन बाद एक छात्र की मौत हो गई, जबकि उसे एंटी रेबीज वैक्सीन की तीन डोज भी लगी थीं। इस घटना ने स्वास्थ्य वि ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. चित्रकूट में छात्र की कुत्ते के काटने से मौत हुई

    2. एंटी रेबीज वैक्सीन की तीन डोज के बावजूद जान नहीं बची

    3. घटना के बाद स्कूल में छात्रों और अभिभावकों में खौफ

    संवाद सूत्र, बरगढ़ (चित्रकूट)। चित्रकूट में दिलदहलाने वाला मामला सामने आया है। स्कूल में कुत्ता काटने के 17 दिन बाद एक छात्र की मौत हो गई। उसे एंटी रेबीज वैक्सीन के तीन डोज भी लगे थे। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की भी चिंता बढ़ गई है। वहीं, स्कूल में कुत्ता काटने से छात्रों में भी खौफ है। तीन दिन तक स्कूल में कोई छात्र नहीं पहुंचा था।

    बरगढ़ क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बोझ फार्म परिसर में आवारा कुत्ते के हमले में घायल कक्षा दो के छात्र की 17 दिन बाद रविवार को मौत हो गई। इलाज के दौरान एंटी रेबीज वैक्सीन की तीन डोज लगने के बावजूद मासूम की जान नहीं बच सकी। घटना के बाद स्वजन ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय रिकार्ड की जांच के बाद ही चल सकेगा।

    बोझ गांव निवासी भास्कर द्विवेदी ने बताया कि उनका आठ वर्षीय पुत्र श्याम द्विवेदी 15 जुलाई को प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई के दौरान उस समय घायल हो गया था, जब बाउंड्रीवाल फांदकर एक कुत्ता स्कूल परिसर में घुस आया और उसने श्याम के साथ आंगनबाड़ी की चार वर्षीय जान्हवी को भी काट लिया। दोनों को पहले मऊ सीएचसी और बाद में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

    श्याम को  एंटी रेबीज वैक्सीन के तीन इंजेक्शन लगाए गए और इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार होने पर 29 जुलाई को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। एक अगस्त को फिर तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल लाया गया। रविवार सुबह घर ले जाने के बाद हालत दोबारा खराब हुई। गांव में झाड़-फूंक कराने के बाद उसे प्रयागराज के शंकरगढ़ में एक निजी अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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    मां मंजूदेवी ने बताया कि श्याम इकलौता पुत्र था। खंड शिक्षा अधिकारी मऊ केडी पांडेय ने बताया कि बच्चे का उपचार कराया गया था। जिला अस्पताल के सीएमएस डा. शैलेंद्र कुमार ने कहा कि बच्चे की पूरी मेडिकल फाइल की समीक्षा की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।

    बता दें कि कुत्ता काटने की घटना के बाद स्कूल में दहशत का माहौल था। तीन दिन से कोई भी बच्चा स्कूल नहीं गया था। बाद में शिक्षकों ने अभिभावकों को समझाया तो बच्चे डंडा लेकर स्कूल जाते थे। हालांकि कुछ दिनों बाद ग्रामीणों ने खदेड़ने पर भागते समय कुत्ता ट्रेन के कट गया था।