चित्रकूट में बड़ी लापरवाही, 100 क्विंटल गेहूं बारिश से भीगकर हुआ खराब, बसिला मंडी में दुर्गंध से हाहाकार
चित्रकूट में खरीद के डेढ़ माह बाद भी 33 केंद्रों से गेहूं का उठान नहीं हुआ है, जिससे बसिला मंडी में 100 क्विंटल गेहूं बारिश में भीगकर सड़ गया है और दु ...और पढ़ें

बसिला मंडी के सरकारी केंद्र में सुखाने के लिए बोरियों से निकाला गया भीगा गेहूं । जागरण
जागरण संवाददाता, चित्रकूट। चित्रकूट में खरीद समाप्त हुए डेढ़ माह से अधिक समय हो गया है, लेकिन 33 केंद्रों से अभी तक गेहूं का पूरा उठान नहीं हो पाया है। बसिला मंडी में सौ कुंतल से अधिक गेहूं बारिश में भीगकर खराब हो गया है। सड़ने से मंडी में दुर्गंध उठ रही है। अभी अन्य केंद्रों में 4602 मीट्रिक टन गेहूं डंप है। वहीं जिम्मेदार प्रभारी जिला खाद्य विपणन अधिकारी लालबहादुर गुप्ता का कहना है कि सभी केंद्रों में गेहूं सुरक्षित है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सड़ रहा गेहूं सरकारी नहीं है जो केंद्रों में खुले आसमान के नीचे पड़ा है?
कई साल बाद पहली बार निर्धारित लक्ष्य (17000 मीट्रिक टन) से अधिक 18486 मीट्रिक टन गेहूं की रिकार्ड खरीद हुई है। लक्ष्य से अधिक खरीद के बाद भी गेहूं सुरक्षित एफसीआई के गोदाम तक नहीं पहुंच सका। अभी तक 13884.33 मीट्रिक टन गेहूं एफसीआई गोदामों में पहुंचा है।

बसिला मंडी में खरीद केंद्र के बाहर खुले में पालीथिन से ढका रखा गेहूं। जागरण
बसिला मंडी में 900 लक्ष्य के सापेक्ष 1052 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई। अब तक करीब 585 एमटी गेहूं ही एफसीआई गोदाम में पहुंचा है। जबकि 467 एमटी गेहूं टिनशेड और खुले आसमान के नीचे पड़ा है। दो दिन हुई बारिश में करीब 100 क्विंटल गेहूं गीला होने के बाद सड़ रहा है, लेकिन केंद्र प्रभारी अमित शुक्ला ने शुक्रवार को देखने तक नहीं पहुंचे। मजदूर जरूर बोरियों को सुरक्षित रखते दिखे।
बता दें कि जिले में विपणन शाखा के कर्वी, पहाड़ी, बरगढ़, मानिकपुर और बसिला मंडी के साथ मऊ और राजापुर में सात केंद्र थे। इसी प्रकार पीसीएफ के बिहरवां, भारतपुर, गाहुर, कर्वी, राजापुर, रसिन, इटखरी, ऐंचवारा, खंडेहा, खोह, खोही, घुरेटनपुर, चकौंध, छीबों, नादिन कुर्मियान, परसौंजा, पहाड़ी उत्तरी, बरगढ़, बियावल, मऊ, रैपुरा, रामनगर, रामपुर बांधी, रामपुर कल्याणगढ़, सरधुवा, हन्ना बिनैका, हरदौली के 28 और भारतीय खाद्य निगम कर्वी मंडी परिसर सहित कुल 36 क्रय केंद्रों में खरीद हुई।
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इनमें से अब तक पीसीएफ के पहाड़ी उत्तरी, मऊ और भारतीय खाद्य निगम के कर्वी मंडी केंद्र से गेहूं का पूरी तरह उठान हो पाया है। जनपद के 33 केंद्रों में अभी तक गेहूं पड़ा हुआ है। विभागीय अधिकारियों ने खरीदे गए गेहूं का समय से उठान नहीं कराया, परिणामस्वरूप गेहूं बारिश से भीग रहा है।
इनका कहना है
केंद्रों से गेहूं का उठान न कराए जाने से लाखों का सरकारी नुकसान हुआ है। केंद्र उर्वरक रखने की जगह न होने से किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है।
- रुद्र प्रसाद मिश्रा, उपाध्यक्ष भारतीय किसान सभायूनियन ने केंद्रों की अव्यवस्था के लिए कई बार आगाह किया गया, लेकिन जिम्मेदारों ने इसे हर बार नजरअंदाज किया। गेहूं खराब होना विभाग के अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा है।
- राज किशोर सिंह, भाकियू तहसील अध्यक्ष राजापुर
बोले जिम्मेदार
सभी केंद्रों में गेहूं सुरक्षित है। केंद्रों से ट्रकों के जरिए सुरक्षित एफसीआई के गोदामों में पहुंचाया जा रहा है। अब तक लगभग 14 हजार मीट्रिक टन गेहूं एफसीआई गोदामों में पहुंचाया जा चुका है। केवल 4602 मीट्रिक टन गेहूं बचा है। शीघ्र ही बचे गेहूं को केंद्रों से एफसीआई गोदामों पहुंचाने की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।
- प्रभारी जिला खाद्य विपणन अधिकारी लाल बहादुर गुप्ता
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