Chitrakoot Flood Alert: नीचे उफनती मंदाकिनी, होटल और घरों की छतों पर फंसे पर्यटक, हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू
मंदाकिनी नदी की भीषण बाढ़ में चित्रकूट के घाट क्षेत्र में कई पर्यटक फंस गए, जिन्हें पुलिस, एसडीआरएफ और एयरफोर्स ...और पढ़ें
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रामघाट में छत पर फंसे व्यक्ति को रेस्क्यू करता हेलीकाप्टर। प्रशासन
HighLights
मंदाकिनी के रौद्र रूप से रामघाट में मची अफरातफरी, कई परिवारों का सामान पानी में डूब या बह गया
विनोद लाज के पीछे मकान में 10 पर्यटक फंसे, होटल पुष्पा में कानपुर के सात युवकों को भी सुरक्षित निकाला गया
चेतावनी के बावजूद कुछ लोग ऊपरी मंजिलों में फंसे रहे] पुलिस, एसडीआरएफ, एयरफोर्स ने किया सुरक्षित रेस्क्यू
जागरण संवाददाता, चित्रकूट। मंदाकिनी नदी की बाढ़ में पर्यटक भी फंस गए हैं। भारत घाट और पर्यटक बंगला क्षेत्र में घरों की दूसरी मंजिल पर फंसे लोगों को पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें सुरक्षित निकाल रही हैं। विनोद लाज के पीछे मकान में फंसे करीब 10 पर्यटक और रामघाट गेट नंबर एक के पास होटल पुष्पा में कानपुर पर्यटक फंसे थे। एयरफोर्स के दो हेलीकाप्टर की मदद से पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया।
मंधना-बिठूर से चित्रकूट घूमने आए प्रफुल्ल तिवारी, सानू तिवारी, प्रिंशु तिवारी, विवेक शुक्ला, राजा त्रिवेदी, आलोक बाथम और टांगी भी बाढ़ में फंस गए थे। उन्हें सुरक्षित निकाला गया। डीएम पुलकित गर्ग ने बताया कि बाढ़ से पहले चेतावनी जारी की गई थी, जिसके बाद अधिकांश लोग घर और होटल छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए थे। कुछ लोग ऊपरी मंजिलों में रह गए, जिन्हें निकालने के लिए एसडीआरएफ की टीमें लगी हैं।
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रामघाट में छत के ऊपर रखी सामग्री। जागरण
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की 10 टीमें भी राहत कार्य के लिए पहुंच रही हैं। पानी उतरने के बावजूद मिट्टी धंसने और मकानों के ढहने का खतरा बना है। रामघाट समेत पांच गांव प्रभावित हैं। गोबरिया में भी एसडीआरएफ फंसे लोगों को निकाल रही है। डोंडा बांध में पानी कम हुआ है, फिर भी निगरानी जारी है।
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हेलीकाप्टर के जरिए घरों से लोगों को निकालती एयरफोर्स। जागरण
फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने को एयरफोर्स दो हेलीकॉप्टर पहुंचे
मंदाकिनी में आई भीषण बाढ़ के बाद धर्मनगरी में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। चित्रकूट एसडीओपी के नेतृत्व में चित्रकूट थाना पुलिस बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी है। मध्यप्रदेश सरकार ने एयरफोर्स के दो हेलीकाप्टर भी लगाए हैं। बाढ़ के पानी में फंसे परिवारों, बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने का कार्य कर रहे हैं।

मंदाकिनी में बाढ़ के कारण अपने घरों की छतों पर फंसे लोग। जागरण
दो मंजिल की छतों पर डाला डेरा
सुबह तक जिस घर में परिवार रोजमर्रा के काम में जुटा था, दोपहर होते-होते उसी घर की पहली मंजिल पानी में डूब गई। देखते ही देखते बाढ़ का पानी कई मकानों की दूसरी मंजिल तक पहुंच गया। जान बचाने के लिए परिवारों को छतों पर शरण लेनी पड़ी, जबकि घर में रखा सामान बचाने के लिए लोग तेज बहाव के बीच जोखिम उठाते रहे। किसी ने फर्नीचर समेटा तो कोई खाद्यान्न और जरूरी सामान निकालने में जुटा रहा। कई परिवारों का सामान पानी में डूब या बह गया।

गोबरिया में फंसे परिवार को रेस्क्यू करती एसडीआरएफ टीम। जागरण
सामान बचाने में लोग फंस गए बाढ़ में
पानी का वेग इतना तेज था कि परिक्रमा निवासी केशव प्रसाद के मुताबिक सुबह करीब 10 बजे तक रामघाट में पानी कम था, लेकिन दोपहर 12 बजे तक जलस्तर करीब 12 फीट बढ़ गया। बाढ़ की तेजी ने नदी किनारे रहने वालों की चिंता बढ़ा दी। प्रशासन की ओर से लगातार अलर्ट के बावजूद कई लोग सामान बचाने की कोशिश में घरों में फंसे रहे।

बाढ़ में फंसे परिवार के बच्चों को लेकर जाता एसडीआरएफ का जवान। जागरण
बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को निकालना चुनौती
पहली मंजिल डूबने के बाद घरों में फंसे परिवारों ने प्रशासन से सुरक्षित बाहर निकालने की गुहार लगाई। बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को तेज बहाव के बीच सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना राहत टीमों के लिए चुनौती बन गया। मध्य प्रदेश सीमा की ओर भी लोग नाव की मदद से घरों से सामान निकालते दिखाई दिए। एसडीएम अजय यादव ने बताया कि तेज बहाव को देखते हुए जालौन से एसडीआरएफ की टीम को मोटरबोट के साथ बुलाया गया है। सभी घाटों पर पुलिस बल तैनात किया गया है और फंसे लोगों को सुरक्षित निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
