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'मंदाकिनी नदी किनारे अतिक्रमण पर चलेगा बुलडोजर', CM योगी बोले- कैचमेंट एरिया में निर्माण से आई विभीषिका

By Hemraj KashyapEdited By: Anurag Shukla
Published: Sun, 06 Sep 2026 03:01 PM (IST)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट में मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ का कारण कैचमेंट क्षेत्र में अतिक्रमण बताया है। ...और पढ़ें

Chitrakoot Flood |

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HighLights

  1. दैनिक जागरण ने मंदाकिनी में बाढ़ का जो कारण बताया, उसी पर बोले मुख्यमंत्री

  2. सीएम योगी ने कहा-नदी के स्वाभाविक बहाव का रास्ता रोकेंगे तो आएगा विनाश 

  3. बाढ़ पीड़ितों को मुआवजे का भरोसा, क्षतिग्रस्त मकानों को पीएम-सीएम आवास

जागरण संवाददाता, चित्रकूट। मंदाकिनी की इस बार की भीषण बाढ़ को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नदी के कैचमेंट क्षेत्र में हुए निर्माण और अतिक्रमण से जोड़ते हुए इसके कारणों की समीक्षा के संकेत दिए हैं। रविवार को रामायण मेला परिसर में बाढ़ पीड़ितों को राहत किट वितरित करने पहुंचे।

इसके बाद संबोधन में उन्होंने दैनिक जागरण के अभियान ‘रोकी राह आई आफत’ का समर्थन करते हुए कहा कि नदी के कैचमेंट में निर्माण होने से जल निकासी का रास्ता कम होता है।

इससे नदी का जलस्तर बढ़कर विनाशकारी रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि नदी का स्वाभाविक बहाव बना रहना जरूरी है और नदी किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले हवाई सर्वेक्षण और इसके बाद रामघाट पहुंचकर बाढ़ की विभीषिका को देखा है। बाढ़ के दौरान वह बस्ती में थे उन्होंने वहीं से ही डीजी पीएसी को निर्देश देकर राहत और बचाव टीमों को भेजा था। चित्रकूट में पहले केवल एक एसडीआरएफ टीम उपलब्ध थी।

ऐसी भीषण बाढ़ पहली बार आई- योगी

तत्काल एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी फ्लड की आठ टीमों को लगाया गया। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि ऐसी भीषण बाढ़ पहली बार देखने को मिली है। मध्य प्रदेश में पक्का पुल तक बह जाने से आपदा की विकरालता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

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WhatsApp Image 2026-09-07 at 4.09.31 PMसीएम योगी ने कहा कि यह प्रभु कामदगिरि, हनुमानजी और ऋषि-मुनियों की कृपा रही कि इतनी बड़ी आपदा में भी सभी लोग सुरक्षित रहे। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को भरोसा दिया कि कोई खुद को अकेला न समझे। जिनके मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें पीएम और सीएम आवास दिए जाएंगे।

बाढ़ पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा- योगी

किसानों, व्यापारियों और प्रभावित परिवारों को नुकसान का मुआवजा मिलेगा। सर्वे चल रहा है और सरकार बजट की कोई कमी नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह आज अधिकारियों के साथ बाढ़ और उसके कारणों की समीक्षा करेंगे। नदी के प्राकृतिक प्रभाव क्षेत्र को बचाना होगा।

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उन्होंने चित्रकूट के साथ अपने भावनात्मक जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह प्रभु राम के संकट में चित्रकूट ने साथ दिया था, उसी तरह आज चित्रकूट संकट में है तो रामभक्त के रूप में वह यहां आए हैं।

2017 से पहले बाढ़ पीड़ितों को बांटते थे सूखी ब्रेड

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर बाढ़ पीड़ितों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले बाढ़ आती थी तो सरकार का ध्यान पीड़ितों पर नहीं जाता था। राहत के नाम पर काफी हो-हल्ला होने के बाद लोगों को सूखी ब्रेड बांट दी जाती थी।

मंदाकिनी की बाढ़ में डूबा रामघाट

सरकार पीड़ितों के साथ खड़ी है- योगी

उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद उन्होंने खुद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात देखे और उसी के बाद बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत किट तैयार कराई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब आपदा की घड़ी में सरकार पीड़ितों के साथ खड़ी है और राहत एवं पुनर्वास में किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह व नन्द गोपाल नन्दी, पूर्व मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, विधायक मानिकपुर अविनाशचंद्र द्विवेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव, नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता, डीसीबी चैयरमैन पंकज अग्रवाल, पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल, भैरों प्रसाद मिश्रा व रमेशचंद्र द्विवेदी, भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र कोटार्य, क्षेत्रीय मंत्री आनंद पटेल आदि रहे।

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