चित्रकूट में मंदाकिनी का तांडव, 74 लोगों का किया गया रेस्क्यू, बांटे गए 2 हजार भोजन के पैकेट
मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ से चित्रकूट में तबाही का मंजर दिखा, जहाँ प्रशासन ने 74 लोगों को सुरक्षित निकाला ...और पढ़ें
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प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
मंदाकिनी बाढ़ से चित्रकूट में तबाही, दो दशक बाद दिखा मंजर।
प्रशासन ने 74 लोगों को सुरक्षित निकाला, बांटे 2000 भोजन पैकेट।
कंट्रोल रूम, राहत शिविर स्थापित; डीएम ने पैदल लिया जायजा।
जागरण संवाददाता, चित्रकूट। दो दशक बाद मंदाकिनी की बाढ़ ने जिले में तबाही का ऐसा मंजर दिखाया कि शनिवार को सुबह से देर रात तक प्रशासन और पुलिस की टीमें लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी रहीं। कई इलाकों में पानी भरने से ग्रामीणों और श्रद्धालुओं को परेशानी हुई। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित आपदा कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया है, जबकि रामायण मेला परिसर में राहत शिविर शुरू किया गया है।
जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि अब तक 74 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। करीब दो हजार खाने के पैकेट भी प्रभावित लोगों तक पहुंचाए गए। गोबरिया गांव के लोगों को बस्ती से निकालकर प्राथमिक विद्यालय में ठहराया गया, जहां भोजन की व्यवस्था की गई है। राहत और बचाव के लिए 8279896009 और 8737991456 नंबर जारी किए गए हैं।
शाम को मंडलायुक्त अजीत कुमार और डीआईजी राजेश एस ने रामघाट क्षेत्र पहुंचकर राहत कार्यों का जायजा लिया। उधर, बाढ़ के पानी से पुल पर आवागमन बाधित होने पर डीएम पुलकित गर्ग स्वयं पैदल पानी के बीच से पुल पार कर स्थिति देखने पहुंचे। रामघाट पर एसपी अरुण कुमार सिंह सुबह से माइक के जरिए दुकानदारों और यात्रियों को सतर्क करते रहे। पुलिस ने निर्मोही अखाड़ा समेत जलभराव वाले स्थानों से लोगों को सुरक्षित निकाला।
