चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने तोड़ा 23 साल का रिकॉर्ड, भीषण बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त
मध्य प्रदेश में भीषण बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर 23 साल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 2003 की बाढ़ ...और पढ़ें

रास्ता बंद होने के बाद परेशान यात्री। जागरण
HighLights
मंदाकिनी नदी का जलस्तर 23 साल का रिकॉर्ड तोड़ा।
2003 की बाढ़ से 15 सेमी अधिक हुआ पानी।
चित्रकूट-सतना मार्ग बंद, श्रद्धालु फंसे, यातायात बाधित।
जागरण संवाददाता, चित्रकूट। मध्य प्रदेश क्षेत्र में भीषण बारिश के कारण मंदाकिनी में जलस्तर बढ़ने का 23 साल पुराना रिकार्ड टूट गया है। दोपहर एक बजे तक जलस्तर समुद्र तल से 134.650 मीटर की ऊंचाई पर पहुंच गया, जो वर्ष 2003 की बाढ़ के रिकार्ड 134.500 मीटर से 15 सेमी अधिक है। मंदाकिनी नदी में रामघाट पर खतरे का निशान 126.500 मीटर पर है।
दीन दयाल शोध संस्थान परिसर, सियाराम कुटीर, तुलसी पीठ समेत प्रमुख मठ-मंदिरों व तटवर्ती दुकानों-घरों के आसपास जलभराव है। चित्रकूट-सतना मार्ग बंद हो गया है। हनुमानधारा मार्ग के पुल में पानी छूने से लोगों का आवागमन रोक दिया गया है। झांसी-मीरजापुर राष्ट्रीय राजमार्ग में कर्वी स्थित पुल पर भी पानी छूने लगा है। बाढ़ देखने पहुंचे लोगों को पुलिस हटा रही है।
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भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है। सिर्फ पैदल और छोटे वाहन अभी निकल रहे हैं। पानी और बढ़ने पर इन्हें भी रोका जा सकता है। पुल की तलहटी से पानी टकरा रहा है। इसे देखते हुए यातायात के छह सिपाही पुल के दोनों ओर तैनात किए गए हैं, जो वाहनों को एक-एक कर धीमी गति से निकलवा रहे हैं। कई रोडवेज बसों को रोक दिया गया है।
मध्य प्रदेश क्षेत्र के नयागांव हनुमानधारा मार्ग के पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। रेलिंग का कुछ हिस्सा भी टूट गया है। तीर्थ क्षेत्र की सड़कों में जलभराव के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु होटलों, गेस्ट हाउसों व मठ-मंदिरों में फंस गए हैं। प्रशासन इन्हें निकलने के प्रयास कर रहा है, क्योंकि पानी अभी और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
