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चित्रकूट में मंदाकिनी-शरभंगा का विकराल रूप: टिकरिया डोंडा बांध में रिसाव से हड़कंप, चार गांव खाली कराए, मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग ठप

Published: Sat, 29 Aug 2026 12:18 PM (IST)Updated: Sat, 29 Aug 2026 12:47 PM (IST)

चित्रकूट में भारी बारिश से मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से 7.20 मीटर ऊपर बह रही है, जिससे रामघाट जलमग्न ...और पढ़ें

HighLights

  1. मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से 7.20 मीटर ऊपर

  2. टिकरिया डोंडा बांध में छेद, चार बस्तियां खाली कराई गईं

  3. रामघाट जलमग्न, कई मोहल्लों में घुसा बाढ़ का पानी

जागरण संवाददाता, चित्रकूट। मध्य प्रदेश के सीमावर्ती सतना और चित्रकूट में लगातार हो रही भारी बारिश और पहाड़ों से उतर रहे पानी ने शनिवार को हालात बिगाड़ दिए। मंदाकिनी, बरदहा और वाल्मीकि नदी के साथ नाले उफान पर हैं, जबकि यमुना का जलस्तर भी करीब एक मीटर बढ़ गया है।

मारकुंडी क्षेत्र में टिकरिया डोंडा बांध लबालब भरने के बाद गेट के पास छेद होने से पानी बहने लगा। बांध टूटने की आशंका में डोंडा माफी, लल्लू का पुरवा, चौकी पुरवा और अहिरान की बस्तियां ग्रामीणों ने खाली कर दीं।

परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने प्रयागराज से एनडीआरएफ टीम बुलाई है।

मंदाकिनी का रौद्र रूप, टिकरिया डोंडा बांध में छेद से रिसाव

मंदाकिनी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने कर्वी और चित्रकूट क्षेत्र में भी चिंता बढ़ा दी है। रामघाट पूरी तरह जलमग्न हो गया है। सीतापुर, पुरानी लंका, आरोग्यधाम और कर्वी नगर के तरौंहा की बस्तियों में पानी घुस गया है। राजस्व और पुलिस की टीमें प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हैं।

मंदाकिनी खतरे के निशान से 7.20 मीटर ऊपर

मंदाकिनी का जलस्तर शनिवार सुबह से लगातार तेजी से बढ़ रहा है। दोपहर 12 बजे तक नदी खतरे के निशान 126.500 मीटर से 7.20 मीटर ऊपर बह रही थी। सबसे चिंताजनक बात यह है कि जलस्तर में हर 15 मिनट में करीब 40 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इससे नदी किनारे के निचले इलाकों में खतरा और बढ़ गया है। 

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चार बस्तियां खाली व रामघाट डूबा, चार मोहल्लों में घुसा पानी

टिकरिया डोंडा बांध में पानी भरने के बाद गेट के बगल में बने छेद से पानी निकलने लगा। ग्रामीणों को बांध टूटने की आशंका सताने लगी। एहतियातन आसपास की चार बस्तियों को खाली कराया गया। लोग जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं। 

एनडीआरएफ बुलाई गई

डीएम ने सभी बाढ़ चौकियों और आपदा राहत टीमों को अपने तैनाती स्थलों पर अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। एनडीआरएफ के आने के बाद संभावित आपात स्थिति में राहत और बचाव अभियान को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

water mand 29 aug

 

शरभंग नदी के उफान से मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग ठप

मध्य प्रदेश के सतना जिले में भारी बारिश के बाद शरभंग नदी का पानी उफान पर आने से मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग के सतना-मानिकपुर रेलखंड पर शनिवार को रेल यातायात ठप हो गया। मध्यप्रदेश जिला सतना स्थित चितहरा-मझगवां स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर पानी का तेज बहाव होने के कारण करीब चार घंटे से ट्रेनों का संचालन बंद है। इससे इस रूट से गुजरने वाली ट्रेनों के पहिए थम गए हैं।

एक दर्जन ट्रेनें रोकीं

रेलवे ने सुरक्षा के मद्देनजर ट्रेनों को सतना, मानिकपुर और मझगवां स्टेशनों पर रोक दिया है। सरभंगा नदी का पानी रेलवे ट्रैक के आसपास तेज बहाव के साथ गुजर रहा है। सुरक्षा को देखते हुए रेल संचालन रोक दिया गया। इस रूट पर चलने वाली गोदान एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें अलग-अलग स्टेशनों पर खड़ी हैं। इससे यात्रियों को घंटों स्टेशनों पर इंतजार करना पड़ रहा है।

10 किलोमीटर की गति से निकालना किया शुरू

मानिकपुर जंक्शन के अधीक्षक शिवेश मालवीय ने बताया कि अमृत भारत एक्सप्रेस, रीवा-आनंद बिहार एक्सप्रेस व गोदान एक्सप्रेस को रोका गया है। सतना के अधिकारियों से बात करके काशन के साथ 10 किमी की गति में ट्रेनें निकालना शुरू किया गया है।

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