Chitrakoot News: प्रेम संबंध में पति बना बाधा तो सोते समय मार दी थी गोली, पत्नी व नाबालिग प्रेमी के दो दोस्तों को उम्रकैद
चित्रकूट में प्रेम संबंध में बाधा बने पति की हत्या के मामले में पत्नी सविता पटेल और उसके नाबालिग प्रेमी के दो दोस्तों को जिला जज ने आजीवन कारावास की स ...और पढ़ें

HighLights
जिला जज बोले- ‘पत्नी द्वारा साजिशन पति की हत्या कराना जघन्य सामाजिक अपराध, क्षमा योग्य नहीं’
नाबालिग प्रेमी की अलग से किशोर न्यायालय में चल रहा है मुकदमा
जागरण संवाददाता, चित्रकूट। प्रेम संबंध के रास्ते में पति के आड़े आने पर उसकी हत्या की साजिश रचने वाली पत्नी और उसके नाबालिग प्रेमी के दो दोस्तों को जिला जज शेषमणि ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों दोषियों पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। न्यायालय ने अपने फैसले में इसे जघन्य सामाजिक अपराध बताते हुए कहा कि पत्नी द्वारा साजिशन पति की हत्या कराना किसी भी स्थिति में क्षमा योग्य नहीं है।
जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) श्यामसुंदर मिश्रा ने बताया कि भरतकूप थाना क्षेत्र के रसिन गांव के मजरा फाटापुरवा निवासी रामबाबू पटेल की 17 फरवरी 2024 की रात घर में सोते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अगले दिन 18 फरवरी को रामबाबू के पिता रामशरण पटेल ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह द्वारा गठित टीमों ने 27 फरवरी को मामले का राज खोला। बताया कि हत्या की साजिश रामबाबू की पत्नी सविता पटेल ने अपने नाबालिग प्रेमी और उसके दो साथियों जनपद बांदा थाना बदौसा के टिकुरी निवासी बरकत अली और अफजल उर्फ फैजल के साथ मिलकर रची थी।
जांच के बाद पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर 21 मई 2024 को करीब 150 पृष्ठों की चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की। सुनवाई के दौरान रामबाबू की पुत्री ने अदालत को बताया कि हत्या के आरोपित उसके पिता के परिचित थे। उनमें से एक ने उसकी मां के साथ अपनी फोटो फेसबुक पर पोस्ट कर दी थी। इस पर उसके पिता रामबाबू ने आरोपित की पिटाई कर दी थी। तभी उसने धमकी दी थी कि वह उसकी मां को विधवा और पूरे परिवार को अनाथ कर देगा।
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अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद जिला जज शेषमणि ने 44 पृष्ठों के निर्णय में सविता पटेल, बरकत अली और अफजल उर्फ फैजल को दोषी करार दिया। मामले में महिला का नाबालिग प्रेमी होने के कारण उसका मुकदमा किशोर न्यायालय को स्थानांतरित किया गया था, जहां सुनवाई अभी जारी है।
अभियोजन के अनुसार नाबालिग प्रेमी तथा उसके दोनों साथी एक ठेकेदार के साथ बालू कारोबार में काम करते थे। जिला जज ने अपने फैसले में कहा कि पति की हत्या के लिए पत्नी द्वारा रची गई साजिश सामाजिक मूल्यों पर गंभीर प्रहार है। यह जघन्य सामाजिक अपराध है और ऐसे अपराध किसी भी स्थिति में क्षमा योग्य नहीं हैं।