Chitrakoot Sadar MLA Report Card: फ्लड लाइट से जगमगाया स्टेडियम, मेडिकल कालेज का सपना अब भी अधूरा
चित्रकूट सदर विधायक अनिल प्रधान ने चार साल में सड़क से विधानसभा तक जनहित के मुद्दे उठाए और विधायक निधि से ग्रामीण विकास कार्य कराए। हालांकि, मेडिकल कॉ ...और पढ़ें

HighLights
विधायक अनिल प्रधान ने सदन में 99% उपस्थिति दर्ज कराई।
जिला स्टेडियम में नाइट क्रिकेट के लिए फ्लड लाइट लगाई गई।
मेडिकल कॉलेज सहित कई बड़े चुनावी वादे अभी अधूरे।
जागरण संवाददाता, चित्रकूट। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश के सबसे कम संपत्ति वाले विधायकों में शामिल रहे समाजवादी पार्टी के चित्रकूट सदर विधायक अनिल प्रधान ने अपने चार वर्षीय कार्यकाल में सड़क से लेकर विधानसभा तक जनहित के मुद्दों को लगातार उठाकर अलग पहचान बनाई। महंगाई, बेरोजगारी, बिजली संकट, किसानों के मुआवजे, पेयजल, ट्रेजरी के कथित 1500 करोड़ रुपये के पेंशन घोटाले और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे मुद्दों पर उन्होंने सरकार को कई बार घेरा।
किसान परिवार से आने वाले युवा अनिल प्रधान अपनी सादगी, हरे कुर्ते और हवाई चप्पल वाले जनप्रतिनिधि युवाओं के बीच अच्छी पैठ बनाने की कोशिश की है। खेलकूद से जुड़े रहे और जिला स्टेडियम में नाइट क्रिकेट के लिए फ्लड लाइट लगाई। हालांकि चुनाव के दौरान किए गए कई बड़े वादे अब तक धरातल पर नहीं उतर सके हैं, जिससे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले उनके कार्यकाल का मूल्यांकन इन्हीं उपलब्धियों और अधूरे वादों के आधार पर होगा।
पूर्व राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय को हराकर पहली बार विधानसभा पहुंचे अनिल प्रधान ने विधायक निधि के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, नाली और खड़ंजा निर्माण पर लगभग आठ करोड़ रुपये खर्च कराने का दावा किया है। जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में फ्लड लाइट और 64 केवीए ट्रांसफार्मर की स्थापना, विद्यालयों में फर्नीचर, सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे, हाईमास्ट लाइट, सोलर पैनल और मड़फा महादेव मंदिर में कार्य उनकी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं।
गंभीर मरीजों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का भी दावा किया गया है। इसके साथ ही विधानसभा में मेडिकल कालेज, भरतकूप व सरधुवा को ब्लाक का दर्जा, रसिन-बरुआ बांध लिंक नहर, शिवरामपुर-कौहारी मार्ग चौड़ीकरण और सैकड़ों ग्रामीण संपर्क मार्गों के निर्माण का मुद्दा उन्होंने कई बार उठाया। संबंधित विभागों को लगातार पत्राचार भी किया, लेकिन अधिकांश योजनाएं अभी भी स्वीकृति का इंतजार कर रही हैं।
खबरें और भी
वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रमुख चुनावी मुद्दे अब तक अधूरे हैं। क्षेत्र में घुरेटनपुर में राजकीय महाविद्यालय तथा भरतकूप में राजकीय इंटर कालेज जैसी मांगें अभी तक पूरी नहीं हो सकी हैं। हालांकि हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेडिकल कालेज के लिए भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं, जिससे इस दिशा में उम्मीद जगी है।
अनिल प्रधान का कार्यकाल जनसंघर्ष और विपक्ष की भूमिका निभाने के लिहाज से सक्रिय रहा, लेकिन बड़ी विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन की असली परीक्षा अभी बाकी है। आगामी विधानसभा चुनाव में जनता उनके संघर्ष और विकास कार्यों दोनों का मूल्यांकन करेगी।
विधान सभा : चित्रकूट सदर
- कुल मतदाता : 3,46,622
- पुरुष: 1,90,030
- महिला: 1,56,584
- थर्ड जेंडर: 8
विधायक बोले
पिछले चार वर्षों में मेरा प्रयास केवल राजनीति करना नहीं बल्कि जनता की आवाज बनना रहा है। विधानसभा से लेकर सड़क तक किसानों के मुआवजे, मेडिकल कालेज, बिजली, पानी, रोजगार, महंगाई और ट्रेजरी घोटाले जैसे हर बड़े मुद्दे को मजबूती से उठाया। विधायक निधि से सड़क, विद्यालय, खेल, सुरक्षा और धार्मिक स्थलों के विकास के अनेक कार्य कराए। कई बड़ी परियोजनाएं शासन स्तर पर लंबित हैं, जिनके लिए लगातार संघर्ष जारी है। मेरा विश्वास है कि जनता मेरे कार्यों, संघर्ष और नीयत का निष्पक्ष मूल्यांकन करेगी और आगे भी सेवा का अवसर देगी।
- अनिल प्रधान, विधायक (चित्रकूट सदर)
जनता केवल मुद्दे उठाने के लिए नहीं बल्कि विकास कराने के लिए जनप्रतिनिधि चुनती है। चार वर्षों में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और वादे पूरे नहीं हो सके। मेडिकल कालेज, शिक्षा संस्थान, विकासखंडों का गठन और बुनियादी सुविधाओं जैसी बड़ी परियोजनाएं आज भी अधूरी हैं। जनता विकास के परिणाम देखना चाहती है। केवल विरोध या आंदोलन पर्याप्त नहीं होता, योजनाओं को धरातल तक पहुंचाना भी उतना ही जरूरी है। आगामी चुनाव में जनता विकास कार्यों, अधूरे वादों और वास्तविक उपलब्धियों के आधार पर अपना निर्णय करेगी।
- चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, पूर्व राज्यमंत्री रनर
लोग बोले
जनता ने विधायक को बड़ी उम्मीदों के साथ चुना था कि क्षेत्र में बड़े विकास कार्य होंगे, लेकिन चार साल में उन उम्मीदों के अनुरूप काम दिखाई नहीं दिया। कई प्रमुख समस्याएं आज भी अधूरे हैं। लोगों को विकास की गति और तेज होने की अपेक्षा थी।
- राकेश प्रजापति, पहाड़ी
सदर विधायक ने जनहित से जुड़े मुद्दे जरूर उठाए, लेकिन क्षेत्र में अपेक्षित विकास नहीं दिखा। बड़ी समस्याएं अब भी अधूरी हैं। जनता को रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में ठोस परिणाम चाहिए थे। मैं उनके कार्यों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हूं।
-राघवेंद्र यादव, बरदहा पुरवा, ग्राम बिहारा
विधायक हर समय आम लोगों के लिए उपलब्ध रहते हैं। किसी भी समस्या को सुनकर संबंधित अधिकारियों से बात करते हैं। गांवों में नाली, खड़ंजा, सड़क और लाइट जैसे कई विकास कार्य हुए हैं। जनता की मदद के लिए उनका व्यवहार हमेशा सकारात्मक रहा है।
- अतुल कुमार पटेल, रैपुरवा
विधायक अनिल प्रधान सहज और सर्वसुलभ जनप्रतिनिधि हैं। जब भी किसी समस्या को लेकर उनके पास गए, उन्होंने समाधान का प्रयास किया। लोगों के बीच लगातार सक्रिय रहते हैं और जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। उनके कामकाज से मैं संतुष्ट हूं।
- राजेश कुमार यादव, रानीपुर खाकी
सदन में रही 99 प्रतिशत उपस्थिति
सदर विधायक अनिल प्रधान की सदन में 99 प्रतिशत उपस्थिति रही। उन्होंने बताया कि अपनी शादी के कार्यक्रम के चलते सदन में कुछ दिन नहीं पहुंच पाए थे। इस दौरान उन्होंने सदन में जनहित और स्थानीय समस्याओं से जुड़े 100 से अधिक मामले उठाए। 10 से अधिक सूचनाएं मांगी।