चित्रकूट बालू खदान धोखाधड़ी मामला, लखनऊ के कारोबारी राघवेंद्र दुबे पर 4.97 करोड़ हड़पने का आरोप
चित्रकूट के धौरहरा बालू खदान में साझेदारी के नाम पर लखनऊ के कारोबारी राघवेंद्र दुबे पर करीब 4.97 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप लगा है। पुलिस अधीक्षक के आ ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, चित्रकूट। धौरहरा बालू खदान में साझेदारी के नाम पर चार करोड़ 97 लाख 62 हजार 20 रुपये हड़पने के आरोप में बालू कारोबारी लखनऊ निवासी राघवेंद्र दुबे के खिलाफ सरधुवा थाने में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
करीब पांच साल पुराने इस मामले में पुलिस अधीक्षक के आदेश पर कार्रवाई हुई है। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार सरधुवा थाना क्षेत्र स्थित धौरहरा बालू खदान का पट्टा वर्ष 2021 में लखनऊ के गोल्फ सिटी शुशांत चार्मवुड शहीद पथ निवासी आयान इंफ्रा डेवलपर्स फर्म संचालक राघवेंद्र दुबे के नाम आवंटित हुआ था। खदान संचालन में कई लोगों को साझेदार बनाया गया था।
चित्रकूट के मऊ कस्बा निवासी राघवेंद्र सिंह और लखनऊ के इंदिरा नगर फार्च्यून हाइट अपार्टमेंट सी 1124 के फ्लैट नंबर 305 निवासी प्रदीप यादव ने भी अपनी-अपनी फर्म के माध्यम से साझेदारी की थी।
दोनों पार्टनरों का आरोप है कि पट्टेदार ने खदान से जुड़े अन्य समझौतों की जानकारी छिपाकर उनसे 15 जून 2021 को पांच वर्ष के लिए अनुबंध कराया। समझौते के तहत उन्हें खदान संचालन, प्रबंधन और बालू खनन से संबंधित कार्य देखने थे। बदले में कुल बिक्री का 19 प्रतिशत हिस्सा देने की बात तय हुई थी।
राघवेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि पट्टेदार के कहने पर उन्होंने रास्ता, कैंची, कैंप कार्यालय और धर्मकांटा निर्माण सहित अन्य कार्यों में एक करोड़ 59 लाख 34 हजार 760 रुपये खर्च किए। साथ ही एक करोड़ एक लाख रुपये फर्म के खाते में जमा कराए।
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वहीं प्रदीप यादव का कहना है कि उन्होंने भी विभिन्न कार्यों पर एक करोड़ 30 लाख 27 हजार 260 रुपये खर्च किए और एक करोड़ सात लाख रुपये अंशदान के रूप में दिए।
दोनों का आरोप है कि न तो खर्च की गई रकम वापस की गई और न ही तय 19 प्रतिशत हिस्सेदारी का भुगतान मिला। रुपये मांगने पर आरोपित लगातार झूठे आश्वासन देता रहा। प्रभारी निरीक्षक सरधुवा शिवआसरे ने बताया कि दोनों तहरीरों के आधार पर अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।